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चित्रकूट: दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद
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चित्रकूट । दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला जज ने पति को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
बुधवार को शासकीय अधिवक्ता गोपाल शुक्ला ने बताया कि शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के पहरा गांव निवासी मेहंदी हसन ने 18 अक्तूबर 2017 को सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था, कि उसने अपनी बहन नफीसा बानो की शादी वर्ष 2014 में सदर कोतवाली के आनंदपुर छेछरिहा खुर्द गांव निवासी हसन अली पुत्र बैकल के साथ की थी।
बहन के ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। इसको लेकर वह अक्सर उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। नफीसा मायके आने पर बताती थी, कि पति व ससुर दहेज को लेकर उसका उत्पीड़न करते हैं।
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17 अक्तूबर 2017 को दोपहर 12 बजे उसके जीजा हसन अली ने फोन कर नफीसा के आग से जलने की सूचना दी। इस पर उसके माता-पिता तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां नफीसा उन्हें अधजली अवस्था में मिली। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान शाम को नफीसा की मौत हो गई।
18 अक्तूूबर को पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) के अपर जिला जज सतेंद्र प्रकाश पांडेय ने इस मामले का निर्णय सुनाया।
उन्होंने पति हसन अली को 10 साल के कठोर कारावास के साथ दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया है।
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बुधवार को शासकीय अधिवक्ता गोपाल शुक्ला ने बताया कि शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के पहरा गांव निवासी मेहंदी हसन ने 18 अक्तूबर 2017 को सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था, कि उसने अपनी बहन नफीसा बानो की शादी वर्ष 2014 में सदर कोतवाली के आनंदपुर छेछरिहा खुर्द गांव निवासी हसन अली पुत्र बैकल के साथ की थी।
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बहन के ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। इसको लेकर वह अक्सर उसकी बहन को प्रताड़ित करते थे। नफीसा मायके आने पर बताती थी, कि पति व ससुर दहेज को लेकर उसका उत्पीड़न करते हैं।
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17 अक्तूबर 2017 को दोपहर 12 बजे उसके जीजा हसन अली ने फोन कर नफीसा के आग से जलने की सूचना दी। इस पर उसके माता-पिता तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां नफीसा उन्हें अधजली अवस्था में मिली। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान शाम को नफीसा की मौत हो गई।
18 अक्तूूबर को पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) के अपर जिला जज सतेंद्र प्रकाश पांडेय ने इस मामले का निर्णय सुनाया।
उन्होंने पति हसन अली को 10 साल के कठोर कारावास के साथ दस हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय के आदेश के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया है।