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चित्रकूट : एक्सप्रेसवे बना सेल्फी प्वाइंट, फर्राटा भरने लगे वाहन, 100 से ज्यादा लग्जरी वाहन बांदा, महोबा व इटावा की ओर जाते दिखे, बड़ी संख्या में लोगों ने साइकिल व ई रिक्शा व बाइक पर सवार होकर लिया अनुभव
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फोटो-3- बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर भरतकूप के पास ई रिक्शा से घूमने निकले युवक। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाने की अनुमति मिलते ही लोग फर्राटा भरने लगे हैं। रविवार को सुबह से लेकर शाम तक 100 से ज्यादा लग्जरी वाहनों को भरतकूप से बांदा, महोबा व इटावा की ओर जाते देखा गया। जगह जगह रुककर लोगों ने सेल्फी ली।
सबसे ज्यादा रोमांच एक्सप्रेसवे के आसपास बसे गांवों के लोगों में देखा गया। तमाम युवक शौकिया ही साइकिल से इस मार्ग पर एक दूसरे से रफ्तार की होड़ लगाते रहे। कुछ ने बाइक दौड़ाकर अधिकतम रफ्तार परखी। मजे की बात ये रही कि तमाम लोगों ने ई-रिक्शे पर बैठकर एक्सप्रेसवे पर चलने का अनुभव लिया। यहां के जिलाधिकारी रहे शुभ्रांत कुमार शुक्ला भी दोपहर में इसी मार्ग से कन्नौज के लिए रवाना हुए। उनका वहां ट्रांसफर हो गया है।
296 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र से शुरू होता है। कई स्थानीय निवासी अपने वाहन चलाते हुए कई किलोमीटर तक वाहन ले गए। इसके बाद वापस आए। कई वाहन ऐसे भी देखे गए जो सुदूर क्षेत्र से चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र के लिए आए। प्रयागराज से आए पीयूष मित्तल ने बताया कि उन्हें इटावा जाना है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने की जानकारी पर भरतकूप पहुंचे। बांदा शहर से आए राजू निगम व उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि एक्सप्रेसवे से चलकर आने पर उत्साहित हैं। जाम से मुक्ति मिली। महोबा के सुनील राजपूत भी अपने परिवार के साथ आए। बताया कि वह हर साल सावन में चित्रकूट आते है। अब आना और आसान हो गया। वहीं, भरतकूप के व्यापारी कल्लू गुप्ता, राजू गुप्ता, सुनील, कमलेश त्रिपाठी सहित तमाम स्थानीय निवासियों ने अपने वाहनों से घूम-घूमकर सेल्फी ली।
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कई जगह काम अधूरा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में चार लेन हैं। एक लेन में कई स्थानों पर काम अधूरा है। कुछ स्थानों पर रेलिंग भी नहीं लगी। कहीं अधूरी है। इसको पूरा करने में मजदूर लगे हैं। कुछ स्थानों पर सड़क पर काम चलने से फर्राटा भरने वाले वाहनों की गति धीमी हुई। टोल प्लाजा का काम काफी बाकी है।
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सबसे ज्यादा रोमांच एक्सप्रेसवे के आसपास बसे गांवों के लोगों में देखा गया। तमाम युवक शौकिया ही साइकिल से इस मार्ग पर एक दूसरे से रफ्तार की होड़ लगाते रहे। कुछ ने बाइक दौड़ाकर अधिकतम रफ्तार परखी। मजे की बात ये रही कि तमाम लोगों ने ई-रिक्शे पर बैठकर एक्सप्रेसवे पर चलने का अनुभव लिया। यहां के जिलाधिकारी रहे शुभ्रांत कुमार शुक्ला भी दोपहर में इसी मार्ग से कन्नौज के लिए रवाना हुए। उनका वहां ट्रांसफर हो गया है।
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296 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र से शुरू होता है। कई स्थानीय निवासी अपने वाहन चलाते हुए कई किलोमीटर तक वाहन ले गए। इसके बाद वापस आए। कई वाहन ऐसे भी देखे गए जो सुदूर क्षेत्र से चित्रकूट तीर्थ क्षेत्र के लिए आए। प्रयागराज से आए पीयूष मित्तल ने बताया कि उन्हें इटावा जाना है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने की जानकारी पर भरतकूप पहुंचे। बांदा शहर से आए राजू निगम व उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि एक्सप्रेसवे से चलकर आने पर उत्साहित हैं। जाम से मुक्ति मिली। महोबा के सुनील राजपूत भी अपने परिवार के साथ आए। बताया कि वह हर साल सावन में चित्रकूट आते है। अब आना और आसान हो गया। वहीं, भरतकूप के व्यापारी कल्लू गुप्ता, राजू गुप्ता, सुनील, कमलेश त्रिपाठी सहित तमाम स्थानीय निवासियों ने अपने वाहनों से घूम-घूमकर सेल्फी ली।
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कई जगह काम अधूरा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे में चार लेन हैं। एक लेन में कई स्थानों पर काम अधूरा है। कुछ स्थानों पर रेलिंग भी नहीं लगी। कहीं अधूरी है। इसको पूरा करने में मजदूर लगे हैं। कुछ स्थानों पर सड़क पर काम चलने से फर्राटा भरने वाले वाहनों की गति धीमी हुई। टोल प्लाजा का काम काफी बाकी है।