चित्रकूट। जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय और पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल की उपस्थिति में कानून व्यवस्था कर करेत्तर, राजस्व वसूली आदि विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा बैठक कलक्ट्रेट सभागार में हुई।
जिलाधिकारी ने परिवहन, स्टांप, वाणिज्यकर, विद्युत, आबकारी, सिंचाई, मंडी, नगर निकाय, वन, लोक निर्माण विभाग, खनिज, बाट माप, कृषि भूमि, आवास, मत्स्य, वृक्षारोपण, कुम्हारी कला, पट्टा आवंटन, भूमाफिया, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, पांच वर्ष से अधिक वादों, बैंक देय, विविध देय, विद्युत देय आदि विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिन विभागों के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति नहीं हुई है वह अलग करके प्रगति बढ़ाएं। इसमें जो संयुक्त कमेटी गठित की गई है वह प्रवर्तन के कार्य को बढ़ाएं। उप जिलाधिकारियों के साथ वाणिज्यकर के अधिकारी भी चेकिंग के दौरान रहें। ताकि वाणिज्य कर चोरी पर भी अंकुश लगाया जा सके। खनिज का राजस्व बहुत कम है। दो माह में अभियान चलाकर शत-प्रतिशत वसूली की जाए। ग्राम पेयजल योजनाओं के लिए जनपद में सरकारी जमीन का चिन्हाकन कर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराएं, क्योंकि इस योजना में शासन से बार-बार सूचना मांगी जाती है। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कहा कि पटेल तिराहा तथा अन्य दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों पर संकेतक बोर्ड आदि की व्यवस्था करा दें। बैठक में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी कर्वी अश्विनी कुमार पाण्डेय, मऊ राजबहादुर, राजापुर राहुल कश्यप, मानिकपुर संगम लाल, अपर उप जिलाधिकारी राम प्रकाश सहित संबंधित अधिकारी व शासकीय अधिवक्ता मौजूद रहे।