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अयोध्या के एतिहासिक स्थल को घोषित करें स्मारक स्थल
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चित्रकूट। सामाजिक परिवर्तन मिशन के राष्ट्रीय संयोजक व यूपी सरकार के पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में दावा किया है कि अयोध्या स्थित ऐतिहासिक स्थल की खुदाई में भगवान बुद्ध की मूर्ति व बौद्धकालीन अवशेष मिले हैं। इससे मंदिर निर्माण न कराकर इस स्थान को स्मारक स्थल घोषित किया जाए।
पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या स्थित ऐतिहासिक स्थल पर 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध प्रतिमाएं, शिलालेख, धम्मचक व बौद्धकालीन प्रतीक प्राप्त हो रहे हैं। भारत में बौद्ध स्थलों का रखरखाव व नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास है।
इन स्थलों से छेड़छाड़ व बदलाव पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 व बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 के अनुसार दंडनीय है। उन्होंने बताया कि 23 मई को लखनऊ मेें बौद्ध विद्वानों व इतिहासकारों की बैठक हुई थी।
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अध्यक्षता भन्ते सुमितरत्न थेरा ने की थी। पांच सूत्रीय मांग पत्र रखा गया था। ऐतिहासिक स्थल की खुदाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में किसी अन्य स्थल पर बनाया जाए। बैठक में जिले के चंद्रशेखर प्रकाश अंबेडकर भी थे।
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पूर्व मंत्री ने कहा कि अयोध्या स्थित ऐतिहासिक स्थल पर 2000 वर्ष पुरानी बौद्ध प्रतिमाएं, शिलालेख, धम्मचक व बौद्धकालीन प्रतीक प्राप्त हो रहे हैं। भारत में बौद्ध स्थलों का रखरखाव व नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पास है।
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इन स्थलों से छेड़छाड़ व बदलाव पुरातात्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1958 व बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम 1972 के अनुसार दंडनीय है। उन्होंने बताया कि 23 मई को लखनऊ मेें बौद्ध विद्वानों व इतिहासकारों की बैठक हुई थी।
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अध्यक्षता भन्ते सुमितरत्न थेरा ने की थी। पांच सूत्रीय मांग पत्र रखा गया था। ऐतिहासिक स्थल की खुदाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। भगवान श्रीराम का मंदिर अयोध्या में किसी अन्य स्थल पर बनाया जाए। बैठक में जिले के चंद्रशेखर प्रकाश अंबेडकर भी थे।