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आत्मनिर्भर गांव का निर्माण जनसहभागिता से संभव
अमर उजाला ब्यूराो/चित्रकूट
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:19 PM IST
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नरेंद्र सिंह तोमर
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्राम पंचायतों की मजबूती से विकास भी तेजी से होगा। इसके लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। आत्म निर्भर गांव का निर्माण जनसहभागिता से ही सम्भव है।
दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित ग्राम पंचायतों के स्वयं के स्रोत से अर्जित आय में वृद्धि विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला मंगलवार को शुरु हुई। इसका शुभारंभ कर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में नानाजी देशमुख ने जो ग्राम विकास का मॉडल जनता के सामने रखा है, वह अनुकरणीय है। पूरे देश के गांवों में ऐसे मॉडल को आधार बनाकर काम करना चाहिए।
इससे सफलता मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद सभी सरपंचों एवं अधिकारियों से कहा कि पंचों का निर्णय हमारे देश में परमेश्वर का निर्णय माना जाता है। प्रधानमंत्री की पहली प्राथमिकता गांव का विकास एवं पंचायती राज का सशक्तिकरण है। एक आत्म निर्भर गांव का निर्माण जनसहभागिता से ही सम्भव है। इस जनसहभागिता के पीछे कोई नैतिक शक्ति काम करती है, यह नानाजी के ग्राम स्वावलंबन केन्द्रों में देख सकते हैं।
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कार्यशाला में पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय सचिव जितेंद्र शंकर माथुर एवं संयुक्त सचिव संजीव जोशी के साथ दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन एवं संगठन सचिव अभय महाजन ने ग्राम विकास के लिए काम करने के तरीके बताए।
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दीनदयाल शोध संस्थान के उद्यमिता विद्यापीठ स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित ग्राम पंचायतों के स्वयं के स्रोत से अर्जित आय में वृद्धि विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला मंगलवार को शुरु हुई। इसका शुभारंभ कर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में नानाजी देशमुख ने जो ग्राम विकास का मॉडल जनता के सामने रखा है, वह अनुकरणीय है। पूरे देश के गांवों में ऐसे मॉडल को आधार बनाकर काम करना चाहिए।
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इससे सफलता मिलेगी। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद सभी सरपंचों एवं अधिकारियों से कहा कि पंचों का निर्णय हमारे देश में परमेश्वर का निर्णय माना जाता है। प्रधानमंत्री की पहली प्राथमिकता गांव का विकास एवं पंचायती राज का सशक्तिकरण है। एक आत्म निर्भर गांव का निर्माण जनसहभागिता से ही सम्भव है। इस जनसहभागिता के पीछे कोई नैतिक शक्ति काम करती है, यह नानाजी के ग्राम स्वावलंबन केन्द्रों में देख सकते हैं।
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कार्यशाला में पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार के केंद्रीय सचिव जितेंद्र शंकर माथुर एवं संयुक्त सचिव संजीव जोशी के साथ दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव अतुल जैन एवं संगठन सचिव अभय महाजन ने ग्राम विकास के लिए काम करने के तरीके बताए।