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डीआरआई कर्मी का कमरे में मिला शव
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खोही (चित्रकूट)। नयागांव थाना क्षेत्र के दीनदयाल शोध संस्थान (डीआरआई) के आरोग्यधाम स्थित परिसर में उद्यान पर्यवेक्षक का शव उनके कमरे में मिला। शुक्रवार की देर शाम तक उनके कमरे का ताला न खुलने पर आसपास के लोग एकत्र हुए। सूचना पर पुलिस टीम पहुंची और कमरे की कुंडी खोलकर अंदर पहुंची। शव को बाहर निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
खागा फतेहपुर निवासी महेंद्र गौतम 15 साल से डीआरआई में उद्यान पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी सुमन गौतम मझगवंा के स्कूल में प्रधानाचार्य थीं। उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। उनके बेटे व बेटी की उत्तराखंड में मौत हो गई थी। बताया गया कि उनके बेटे को पढ़ाई के दौरान नौकरी लगवाने के बहाने कुछ लोगों ने मोटी रकम एेंठ ली थी।
इसका सदमा भाई बहन को लगा था। इसके बाद से महेंद्र गौतम बेहद निराश रहने लगे थे। वह अकेले ही आरोग्यधाम परिसर में रहते थे। डीआरआई के आरोग्यधाम प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर को महेंद्र खाना खाने के बाद कमरे में सोए थे।
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महेंद्र को डायबिटीज की बीमारी भी थी। देर शाम तक वह कमरे से बाहर नहीं आए तो आस पास के लोगों ने जानकारी ली। पुलिस की मौजूदगी में कमरा खोला गया तो उनका शव मिला। संभावना है कि बीमारी के दौरान ही हार्टअटैक होने से मौत हो गई है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया है।
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खागा फतेहपुर निवासी महेंद्र गौतम 15 साल से डीआरआई में उद्यान पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी सुमन गौतम मझगवंा के स्कूल में प्रधानाचार्य थीं। उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। उनके बेटे व बेटी की उत्तराखंड में मौत हो गई थी। बताया गया कि उनके बेटे को पढ़ाई के दौरान नौकरी लगवाने के बहाने कुछ लोगों ने मोटी रकम एेंठ ली थी।
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इसका सदमा भाई बहन को लगा था। इसके बाद से महेंद्र गौतम बेहद निराश रहने लगे थे। वह अकेले ही आरोग्यधाम परिसर में रहते थे। डीआरआई के आरोग्यधाम प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर को महेंद्र खाना खाने के बाद कमरे में सोए थे।
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महेंद्र को डायबिटीज की बीमारी भी थी। देर शाम तक वह कमरे से बाहर नहीं आए तो आस पास के लोगों ने जानकारी ली। पुलिस की मौजूदगी में कमरा खोला गया तो उनका शव मिला। संभावना है कि बीमारी के दौरान ही हार्टअटैक होने से मौत हो गई है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया है।