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चित्रकूट में भाजपा का नया नारा जय श्रीराम, जय किसान
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चित्रकूट के भरतकूप गोंडा गांव में जनसभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : CHITRAKUTT
पंकज प्रसून
चित्रकूट। भगवान राम, तुलसीदास और नानाजी देशमुख की तपस्थली चित्रकूट की धरती पर प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार आए नरेंद्र मोदी ने भरतकूप गोड़ा में उमड़े अपार जन समूह के सामने जय श्रीराम, जय किसान का नया नारा दिया। इस नारे के साथ ही उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव की रणनीति का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीएम की राह पर ही चले।
पीएम और सीएम ने इस मौके जातिवाद की राजनीति से हटकर विकास के एजेंडे को ऊपर रखा। कहा जा रहा है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव में विकास का मॉडल सफल होने के बाद भाजपा भी उसी दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा रही है। अपने 34 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं को लेकर लगातार बातें की। उनकी बातों से स्पष्ट था कि वह पूरे कैलकुलेशन के साथ यहां आए हैं। यूपी में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने किसानों पर अपने पूरे भाषण को फोकस किया। बीच-बीच में उन्होंने चित्रकूट की महत्ता और भगवान श्रीराम को जरूर याद किया। दिल्ली में पिछले कई दिनों से सीएए को लेकर चल रहे विरोध पर उन्होंने यहां कोई भी टिप्पणी नहीं की। न ही उन्होंने सीएए और एनआरसी को लेकर कोई बात छेड़ी। मजे की बात है कि मोदी की तरह योगी भी उन्हीं की तर्ज पर विकास और अयोध्या मंदिर के इर्द गिर्द ही अपनी बात रखी। दोनों नेताओं के भाषण में आने वाले समय में किसानों को नायक के रूप में प्रस्तुत करने पर की योजना को बल दिया गया। इससे साफ है कि सरकार शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किसानों को समृद्ध करना चाहती है। बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं की बड़ी समस्या से परेशान किसानों के चेहरे में खुशी लाने के लिए कहा गया कि किसान अपने छुट्टा जानवरों को खूंटे पर बांधना शुरू कर दें क्याेंकि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के शुरू होते हैं वे अपने दूध के कारोबार को बढ़ा सकते है। कहा गया कि मात्र छह घंटे के बीच यहां के किसान अपने जानवरों का दूध दिल्ली की मंडी तक पहुंचा सकते है। जो कभी सपना हुआ करता था। इसी तरह ग्राम हाट योजना के तहत किसानों को ग्लोबल मार्के टिंग से जोड़कर किसानों को व्यवसायी के रूप में प्रतिष्ठित करने की योजना भी केंद्र और प्रदेश की सरकार बना रही है।
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योजना में महिलाओं को जोड़ने की तैयारी
केंद्र और प्रदेश सरकार की हर योजना में महिलाओं को प्रमुखता से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से कहा कि ग्राम हाट योजना, जल मिशन योजना, अपने गांव को जलयुक्त सूखा मुक्त करने की योजना, इन सभी में महिलाओं की जगह पहले से तय होगी। मोदी ने तो यहां तक कहा कि महिलाएं योजनाओं के क्रियांवयन को तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगी। जाहिर सी बात है कि किसान और महिलाओं के जरिए एक बड़े वोट बैंक को अपने खाते में लाया जा सकता है। इसे मोदी और योगी की सरकार बखूबी समझ रही है।
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चित्रकूट। भगवान राम, तुलसीदास और नानाजी देशमुख की तपस्थली चित्रकूट की धरती पर प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार आए नरेंद्र मोदी ने भरतकूप गोड़ा में उमड़े अपार जन समूह के सामने जय श्रीराम, जय किसान का नया नारा दिया। इस नारे के साथ ही उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव की रणनीति का संकेत भी दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पीएम की राह पर ही चले।
पीएम और सीएम ने इस मौके जातिवाद की राजनीति से हटकर विकास के एजेंडे को ऊपर रखा। कहा जा रहा है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव में विकास का मॉडल सफल होने के बाद भाजपा भी उसी दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा रही है। अपने 34 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने विकास योजनाओं को लेकर लगातार बातें की। उनकी बातों से स्पष्ट था कि वह पूरे कैलकुलेशन के साथ यहां आए हैं। यूपी में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने किसानों पर अपने पूरे भाषण को फोकस किया। बीच-बीच में उन्होंने चित्रकूट की महत्ता और भगवान श्रीराम को जरूर याद किया। दिल्ली में पिछले कई दिनों से सीएए को लेकर चल रहे विरोध पर उन्होंने यहां कोई भी टिप्पणी नहीं की। न ही उन्होंने सीएए और एनआरसी को लेकर कोई बात छेड़ी। मजे की बात है कि मोदी की तरह योगी भी उन्हीं की तर्ज पर विकास और अयोध्या मंदिर के इर्द गिर्द ही अपनी बात रखी। दोनों नेताओं के भाषण में आने वाले समय में किसानों को नायक के रूप में प्रस्तुत करने पर की योजना को बल दिया गया। इससे साफ है कि सरकार शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किसानों को समृद्ध करना चाहती है। बुंदेलखंड में अन्ना पशुओं की बड़ी समस्या से परेशान किसानों के चेहरे में खुशी लाने के लिए कहा गया कि किसान अपने छुट्टा जानवरों को खूंटे पर बांधना शुरू कर दें क्याेंकि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के शुरू होते हैं वे अपने दूध के कारोबार को बढ़ा सकते है। कहा गया कि मात्र छह घंटे के बीच यहां के किसान अपने जानवरों का दूध दिल्ली की मंडी तक पहुंचा सकते है। जो कभी सपना हुआ करता था। इसी तरह ग्राम हाट योजना के तहत किसानों को ग्लोबल मार्के टिंग से जोड़कर किसानों को व्यवसायी के रूप में प्रतिष्ठित करने की योजना भी केंद्र और प्रदेश की सरकार बना रही है।
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योजना में महिलाओं को जोड़ने की तैयारी
केंद्र और प्रदेश सरकार की हर योजना में महिलाओं को प्रमुखता से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से कहा कि ग्राम हाट योजना, जल मिशन योजना, अपने गांव को जलयुक्त सूखा मुक्त करने की योजना, इन सभी में महिलाओं की जगह पहले से तय होगी। मोदी ने तो यहां तक कहा कि महिलाएं योजनाओं के क्रियांवयन को तय करने में प्रमुख भूमिका निभाएंगी। जाहिर सी बात है कि किसान और महिलाओं के जरिए एक बड़े वोट बैंक को अपने खाते में लाया जा सकता है। इसे मोदी और योगी की सरकार बखूबी समझ रही है।
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