{"_id":"6a4d3cd02c376b94a40e8033","slug":"bail-rejected-for-two-cousins-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1003-133395-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: दो चचेरे भाइयों की जमानत खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: दो चचेरे भाइयों की जमानत खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोगो = अदालत से =
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। टीजीटी परीक्षा में चचेरे भाई की जगह पेपर देने गए युवक और उसे भेजने वाले भाई की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। दोनों घटना के दिन से ही जेल में बंद हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि फतेहपुर के विकास सिंह टीजीटी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। परीक्षा के दिन वह कृषक इंटर कॉलेज भौंरी स्थित केंद्र पहुंचे। बायोमीट्रिक जांच के बाद वह बाहर निकल गए। उनकी जगह चचेरा भाई दिलीप सिंह अंदर चला गया। दोबारा बायोमीट्रिक जांच में दिलीप सिंह का चेहरा और फिंगरप्रिंट मूल अभ्यर्थी से मेल नहीं खाए। इससे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। केंद्राध्यक्ष रुद्र नारायण पांडेय की सूचना पर एसओजी और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। दोनों के पास से फर्जी कागजात बरामद हुए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। अधिवक्ता की ओर से दोनों की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई थी। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने सुनवाई के बाद दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। टीजीटी परीक्षा में चचेरे भाई की जगह पेपर देने गए युवक और उसे भेजने वाले भाई की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है। दोनों घटना के दिन से ही जेल में बंद हैं।
जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि फतेहपुर के विकास सिंह टीजीटी परीक्षा के लिए पंजीकृत थे। परीक्षा के दिन वह कृषक इंटर कॉलेज भौंरी स्थित केंद्र पहुंचे। बायोमीट्रिक जांच के बाद वह बाहर निकल गए। उनकी जगह चचेरा भाई दिलीप सिंह अंदर चला गया। दोबारा बायोमीट्रिक जांच में दिलीप सिंह का चेहरा और फिंगरप्रिंट मूल अभ्यर्थी से मेल नहीं खाए। इससे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। केंद्राध्यक्ष रुद्र नारायण पांडेय की सूचना पर एसओजी और सर्विलांस टीम मौके पर पहुंची। दोनों के पास से फर्जी कागजात बरामद हुए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। अधिवक्ता की ओर से दोनों की कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई थी। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने सुनवाई के बाद दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन