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Chitrakoot News: मंदाकिनी का जलस्तर उतरा तो दिखी तबाही की बाढ़
Mon, 31 Aug 2026 12:02 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:02 AM IST
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फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद
सुभाषचंद्र पटेल
खोही (चित्रकूट)। मंदाकिनी नदी का जलस्तर भले ही कम हो गया हो लेकिन पानी उतरने के बाद तबाही की बाढ़ साफ दिख रही है। बाढ़ अपने पीछे सड़कों पर कीचड़, गंदगी और बर्बादी छोड़ गई है।
रामघाट से परिक्रमा मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते से लेकर आरोग्यधाम जाने वाले मार्ग तक सड़क पर करीब एक से डेढ़ फीट तक कीचड़ जमा है। इससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है।
हालात यह हैं कि श्रद्धालुओं को कीचड़ में फंसते हुए रास्ता पार करना पड़ रहा है। कई जगह सड़क पूरी तरह कीचड़ से ढक गई है। वाहनों के निकलने में भी दिक्कत हो रही है। पानी कम होने के बाद भी क्षेत्र में बाढ़ की भयावहता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कुछ स्थानों पर लोग अभी भी मकानों की छतों पर फंसे नजर आए। वह मदद के लिए गुहार लगाते दिखाई दिए। (संवाद)
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आश्रमों में भरा कीचड़, पर्यटन भवन भी नहीं बचा
खोही। बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट क्षेत्र के कई आश्रमों में भी कीचड़ भर गया है। आश्रमों में रहने वाले लोगों को सफाई करने के साथ-साथ कीचड़ निकालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एमपी के पर्यटन भवन में भी बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ जमा है। कुछ नावें भी घाट से बहकर सड़क तक पहुंच गईं। (संवाद)
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खोही (चित्रकूट)। मंदाकिनी नदी का जलस्तर भले ही कम हो गया हो लेकिन पानी उतरने के बाद तबाही की बाढ़ साफ दिख रही है। बाढ़ अपने पीछे सड़कों पर कीचड़, गंदगी और बर्बादी छोड़ गई है।
रामघाट से परिक्रमा मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते से लेकर आरोग्यधाम जाने वाले मार्ग तक सड़क पर करीब एक से डेढ़ फीट तक कीचड़ जमा है। इससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी हो रही है।
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हालात यह हैं कि श्रद्धालुओं को कीचड़ में फंसते हुए रास्ता पार करना पड़ रहा है। कई जगह सड़क पूरी तरह कीचड़ से ढक गई है। वाहनों के निकलने में भी दिक्कत हो रही है। पानी कम होने के बाद भी क्षेत्र में बाढ़ की भयावहता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। कुछ स्थानों पर लोग अभी भी मकानों की छतों पर फंसे नजर आए। वह मदद के लिए गुहार लगाते दिखाई दिए। (संवाद)
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आश्रमों में भरा कीचड़, पर्यटन भवन भी नहीं बचा
खोही। बाढ़ का पानी उतरने के बाद रामघाट क्षेत्र के कई आश्रमों में भी कीचड़ भर गया है। आश्रमों में रहने वाले लोगों को सफाई करने के साथ-साथ कीचड़ निकालने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। एमपी के पर्यटन भवन में भी बाढ़ का पानी उतरने के बाद कीचड़ जमा है। कुछ नावें भी घाट से बहकर सड़क तक पहुंच गईं। (संवाद)

फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद

फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद

फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद

फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद

फोटो 30 सीकेटीपी-14- लंका तिराहा के पास कीचड़ व पड़ा सामान। संवाद