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Chitrakoot News: भक्तों ने भगवान शिव को किया जलाभिषेक
Tue, 05 Aug 2025 12:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 05 Aug 2025 12:54 AM IST
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शिवालय में पूजा करते श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद
चित्रकूट/पहाड़ी/खोही। सावन माह के अंतिम सोमवार को रिमझिम बारिश के बीच 40 हजार से अधिक भक्तों ने मत्तगजेंद्रनाथ स्वामी का जलाभिषेक किया। जिले के अन्य शिवालयों में भी भक्तों की जलाभिषेक करने के लिए लंबी लाइन लगी रही। रामघाट पर बाढ़ के बाद कीचड़ व जलभराव के बीच भी भक्तों का हौसला कम नहीं हुआ। पुलिस ने सुरक्षा के लिए रस्सी लगाकर नदी की ओर भक्तों को जाने से रोका।
सोमवार को श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। लगातार दो दिन से जिले में हो रही बारिश के बाद भी अकेेले रामघाट में मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में दर्शन करने सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे। इधर मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे जाने के बाद भी सीढि़यों में कीचड़ व जलभराव था।
इसे देखते हुए पुलिस ने रस्सी लगाकर मंदाकिनी की ओर जाने से भक्तों को रोका और लाइन लगाकर मंदिर तक पहुंचाया। बेलपत्र, फूल, फल, शहद अन्य सामग्री चढ़ाकर विधि विधान से पूजा-पाठ की। मानिकपुर क्षेत्र के चर सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी के पालेश्वर नाथ मंदिर, भरतकूप के मड़फा मंदिर सहित अन्य शिवालयों में हजारों भक्तों ने रिमझिम बारिश के बीच जलाभिषेक किया।
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इनसेट
बोल बम से रामघाट हुआ गुंजायमान
चित्रकूट। भगवान भोले का जलाभिषेक करने के लिए कांवाड़ियों की टोली भी धर्मनगरी पहुंची है। इसके अलावा आसपास के जिलोंसे पैदल ही कई भक्तों की टोली हर हर महादेव बोलते हुए रामघाट पहुंचे। सभी ने मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। रामघाट बोल बम- बोल बम से गुंजायमान हो गया।
इनसेट
नदी का जलस्तर कम होने से ली राहत की सांस
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का जलस्तर सोमवार को उतर जाने से भक्त राहत की सांस ली। वहीं, चर के सोमनाथ मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते की पुलिया ओवरफ्लो होने से रास्ता बाधित रहा। दोपहर को जलस्तर घटने पर भक्त आसानी से मंदिर पहुंचे। हालांकि रामघाट में कुछ स्थानों में कीचड़ पड़ा होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रामघाट की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को जयपुरिया तिराहे पर रोका गया। इसके बाद पैदल ही भक्त रामघाट पहुंचे। इसके विपरीत बाइक सवारों को तिगोडी दाई मंदिर के पास रोका गया। दोपहर एक बजे के बाद पूरा रास्ता खोल दिया गया हालांकि रामघाट के अंदर किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल जी यादव ने बताया नदी में बाढ़ आने के कारण गंदगी घाट में आ गई थी। इसकी सफाई करा दी गई।
डीएम शिवशरणप्पा व एसपी अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को रामघाट व शिवमंदिरों के आसपास की व्यवस्था को देखा। सुरक्षा के उपायों की जानकारी ली। सावन के सोमवार को बेड़ीपुलिया के पास भक्तों ने प्रसाद वितरण किया। रामघाट के आगे सीतापुर मार्ग पर भी भक्तों को प्रसाद बांटा गया।
-- -- इनसेट
ई रिक्शा चालकों ने की जमकर वसूली
चित्रकूट। बाढ़ को लेकर कई जगह वाहनों को रोकने के कारण सुबह से शाम तक लोग पैदल ही रामघाट की ओर गए। इसी बीच आधा किमी के सफर के लिए ई रिक्शा चालकों ने दस रुपये प्रति सवारी का किराया वसूला। इसका निर्धारित किराया पांच रुपये प्रति सवारी है। कई ई रिक्शा चालक क्षमता से अधिक सवारी भी भरकर गुजरे।
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सोमवार को श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। लगातार दो दिन से जिले में हो रही बारिश के बाद भी अकेेले रामघाट में मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर में दर्शन करने सुबह से ही भक्त पहुंचने लगे। इधर मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे जाने के बाद भी सीढि़यों में कीचड़ व जलभराव था।
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इसे देखते हुए पुलिस ने रस्सी लगाकर मंदाकिनी की ओर जाने से भक्तों को रोका और लाइन लगाकर मंदिर तक पहुंचाया। बेलपत्र, फूल, फल, शहद अन्य सामग्री चढ़ाकर विधि विधान से पूजा-पाठ की। मानिकपुर क्षेत्र के चर सोमनाथ मंदिर, पहाड़ी के पालेश्वर नाथ मंदिर, भरतकूप के मड़फा मंदिर सहित अन्य शिवालयों में हजारों भक्तों ने रिमझिम बारिश के बीच जलाभिषेक किया।
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बोल बम से रामघाट हुआ गुंजायमान
चित्रकूट। भगवान भोले का जलाभिषेक करने के लिए कांवाड़ियों की टोली भी धर्मनगरी पहुंची है। इसके अलावा आसपास के जिलोंसे पैदल ही कई भक्तों की टोली हर हर महादेव बोलते हुए रामघाट पहुंचे। सभी ने मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। रामघाट बोल बम- बोल बम से गुंजायमान हो गया।
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नदी का जलस्तर कम होने से ली राहत की सांस
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी का जलस्तर सोमवार को उतर जाने से भक्त राहत की सांस ली। वहीं, चर के सोमनाथ मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते की पुलिया ओवरफ्लो होने से रास्ता बाधित रहा। दोपहर को जलस्तर घटने पर भक्त आसानी से मंदिर पहुंचे। हालांकि रामघाट में कुछ स्थानों में कीचड़ पड़ा होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रामघाट की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को जयपुरिया तिराहे पर रोका गया। इसके बाद पैदल ही भक्त रामघाट पहुंचे। इसके विपरीत बाइक सवारों को तिगोडी दाई मंदिर के पास रोका गया। दोपहर एक बजे के बाद पूरा रास्ता खोल दिया गया हालांकि रामघाट के अंदर किसी भी वाहन को नहीं जाने दिया गया। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल जी यादव ने बताया नदी में बाढ़ आने के कारण गंदगी घाट में आ गई थी। इसकी सफाई करा दी गई।
डीएम शिवशरणप्पा व एसपी अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को रामघाट व शिवमंदिरों के आसपास की व्यवस्था को देखा। सुरक्षा के उपायों की जानकारी ली। सावन के सोमवार को बेड़ीपुलिया के पास भक्तों ने प्रसाद वितरण किया। रामघाट के आगे सीतापुर मार्ग पर भी भक्तों को प्रसाद बांटा गया।
ई रिक्शा चालकों ने की जमकर वसूली
चित्रकूट। बाढ़ को लेकर कई जगह वाहनों को रोकने के कारण सुबह से शाम तक लोग पैदल ही रामघाट की ओर गए। इसी बीच आधा किमी के सफर के लिए ई रिक्शा चालकों ने दस रुपये प्रति सवारी का किराया वसूला। इसका निर्धारित किराया पांच रुपये प्रति सवारी है। कई ई रिक्शा चालक क्षमता से अधिक सवारी भी भरकर गुजरे।