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तीनों दोस्तों ने एक साथ छोड़ी दुनिया
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फोटो- 13- दीपक- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। मानिकपुर जीआरपी अंतर्गत शंकरगढ़ के पास चंबल एक्सप्रेस की चपेट में आए बिहार के तीनों युवकों के परिजन रविवार की शाम जिला मुख्यालय पहुंचे तो शव देखते ही दहाड़ मारकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि तीनों गहरे दोस्त थे। तीनों ने एक साथ दुनिया छोड़ दी। पुणे में रहकर इनकी कमाई से ही परिवार का गुजर बसर होता था।
दरभंगा जिले के थाना भालपट्टी के अड़ी गांव निवासी विकास पासवान, थाना आद्राठाड़ी के गंगाद्वार निवासी मुन्नू साहू और आमी गांव निवासी दीपक शनिवार की सुबह दरभंगा एक्सप्रेस से पुणे जा रहे थे। शंकरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर पानी लेने जाते समय चंबल एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीनों की मौत हो गई थी। चौथा साथी विकास भी घायल हुआ है, जिसका इलाज प्रयागराज में चल रहा है।
तीनों शवों का एक साथ पोस्टमार्टम हुआ। परिजन बोले कि तीनों एक साथ छुट्टी लेकर गांव आए थे और अब साथ ही जा रहे थे। मृतक विकास पासवान के मामा लाल पासवान ने बताया कि विकास होटल व ढाबों में काम करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। मृतक दीपक के भाई दर्शन ने बताया कि वह मजदूरी करता था उसकी शादी नहीं हुई थी। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। मां ललिता देवी का हाल बेहाल है।
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मृतक मुन्नू साहू के चाचा अवतार ने बताया कि इसकी पत्नी नीतू कुमारी का रो रोकर बुरा हाल है। उसकी एक पुत्री है। पांच भाइयों में वह तीसरे नंबर का था। मजदूरी के सहारे ही परिवार का खर्च चलता था। तीनों के परिजन कच्चे घरों में रहते हैं। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजन एंबुलेंस से अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए।
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दरभंगा जिले के थाना भालपट्टी के अड़ी गांव निवासी विकास पासवान, थाना आद्राठाड़ी के गंगाद्वार निवासी मुन्नू साहू और आमी गांव निवासी दीपक शनिवार की सुबह दरभंगा एक्सप्रेस से पुणे जा रहे थे। शंकरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर पानी लेने जाते समय चंबल एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीनों की मौत हो गई थी। चौथा साथी विकास भी घायल हुआ है, जिसका इलाज प्रयागराज में चल रहा है।
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तीनों शवों का एक साथ पोस्टमार्टम हुआ। परिजन बोले कि तीनों एक साथ छुट्टी लेकर गांव आए थे और अब साथ ही जा रहे थे। मृतक विकास पासवान के मामा लाल पासवान ने बताया कि विकास होटल व ढाबों में काम करता था। चार भाइयों में दूसरे नंबर का था उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। मृतक दीपक के भाई दर्शन ने बताया कि वह मजदूरी करता था उसकी शादी नहीं हुई थी। तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। मां ललिता देवी का हाल बेहाल है।
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मृतक मुन्नू साहू के चाचा अवतार ने बताया कि इसकी पत्नी नीतू कुमारी का रो रोकर बुरा हाल है। उसकी एक पुत्री है। पांच भाइयों में वह तीसरे नंबर का था। मजदूरी के सहारे ही परिवार का खर्च चलता था। तीनों के परिजन कच्चे घरों में रहते हैं। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव परिजन एंबुलेंस से अंतिम संस्कार के लिए गांव ले गए।