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Chitrakoot News: अफसरों पर ठीकरा फोड़ते रहे चारो वार्डर

Tue, 07 Mar 2023 10:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 07 Mar 2023 10:19 PM IST
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All the four warders kept blaming the officers
चित्रकूट। जेल के अंदर नियमों के विपरीत निखत को अब्बास से मिलाने के मामले में डिप्टी जेलर के साथ चार अन्य वार्डरों से पूछताछ की गई। वार्डर अपनी बचाने के लिए अफसरों पर ठीकरा फोड़ते रहे। जब जांच टीम ने पूछा कि सब मालूम था तो शिकायत क्यों नहीं की। इतना सुनते ही वार्डरों की बोलती बंद हो गई।
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जेल अधीक्षक अशोक सागर, जेलर संतोष कुमार व चर्चित वार्डर जगमोहन के जेल जाने के बाद मंगलवार को एसआईटी की टीम ने विवेचना के क्रम को आगे बढ़ाया। इसमें चौथे दिन डिप्टी जेलर पीयूष पांडेय व वार्डर रहीम के अलावा चार अन्य वार्डर सत्येंद्र कुमार, अभय प्रताप सिंह व जगदीश से टीम ने पूछताछ की। सभी से जनवरी व फरवरी माह में डयूटी स्थल के अलावा जेल परिसर के माहौल के सवाल पूछे गए। सूत्रों के अनुसार इन सभी ने वित्तीय लाभ व गिफ्ट मिलने के सवाल पर खुद को बचाने का प्रयास किया। बताया कि जेल में इन अधिकारियों के इशारे पर कई बार गैरकानूनी तरीके से विधायक अब्बास अंसारी व उसकी पत्नी निखत को मिलाया गया है। इसकी सभी को जानकारी है लेकिन बडे़ अधिकारियों के दबाव में वह कुछ बोल नहीं पाए।
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बताया यह भी गया है कि 10 फरवरी को भी इन डिप्टी जेलर व वार्डरों के सामने सबकुछ घटा। विधायक अब्बास व उसकी पत्नी निखत को बचाने का पूरा प्रयास हुआ। छापे के दौरान जब डीएम एसपी अंदर आए तो यह सब अपने स्थान से हटकर दूसरे स्थान की ओर चले गए ताकि उनसे सवाल जवाब न हो सके।
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डिप्टी जेलर और वार्डरों के बैंक खाते भी खंगाल रही एसआईटी
चित्रकूट। जांच टीम ने डिप्टी जेलर व चारों वार्डरों के बैंक खाते भी खंगालने शुरू कर दिए है। सभी के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच टीम ने माना है कि अब्बास व निखत की ओर से परिजनों को भी वित्तीय लाभ व गिफ्ट भिजवाए गए हैं।

पूछताछ में इन सभी ने यह तो माना है कि जो जगमोहन चाहता था वही जेल में होता था। वह अक्सर अब्बास की सुविधाओं को लेकर ही मुख्य काम करता था। यह भी माना जा रहा है कि बडे़ अधिकारियों समेत अब्बास के परिजनों से मिलने वाली सुविधाओं का बंटवारा डयूटी पर रहने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को क्रमवार मिलता था। हालांकि इस संबंध में किसी अधिकारी ने कोई पुष्टि नहीं की है। जांच टीम प्रभारी सीओ सिटी हर्ष पांडेय ने बताया कि विवेचना का क्रम जारी है। जो भी इसकी जद में आएगा उससे जानकारी ली जा रही है।
इसी क्रम में जिले के कई लोगों को भी जांच टीम ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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