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वन घोटाले की दो दिन की जांच के बाद नतीजा सिफर

Thu, 12 May 2022 10:39 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 10:39 PM IST
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After two days investigation of forest scam, the result cipher
फोटो नंबर- 11- मानिकपुर के वन क्षेत्र में हुए वन विभाग के कामों की जांच करते टीम के सदस्य। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट/मानिकपुर। वन क्षेत्रों में कराए गए कार्यों की टीम दो दिन से जांच कर रही है। घने जंगलों में कराए गए कार्यों का वीडियो भी बनाया गया। टीम के कई सदस्यों ने दावा किया कि अभी तक कुछ गलत नहीं मिला है।
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सेवानिवृत्त वनकर्मी चंद्रमोहन द्विवेदी, रितुराज वर्मा व द्रोणाचार्य ने शिकायत की थी कि डीएफओ समेत कई अधिकारी व कर्मचारियों की सहमति से कई कार्य हुए बिना लाखों रुपये का भुगतान हो गया। इन्हीं की शिकायत पर गुरुवार सुबह 6 बजे ही जांच टीम पहुंची। टीम में शामिल उपप्रभागीय वनाधिकारी मऊरानीपुर झांसी एसपी गौतम, उपविभागीय वनाधिकारी हमीरपुर सत्यप्रकाश सिंह, बरगढ़ रेंज के सहायक वन संरक्षक वन्य जीव प्रभाग कैमूर राकेश कुमार ने मानिकपुर, मारकुंडी क्षेत्रों में वनविभाग के किए गए कार्यों का निरीक्षण किया। कागजों में दिखाए गए पौधरोपण के कार्य, नाली, सहित उनके सुरक्षा के लिए किए इंतजाम की हकीकत देखी।
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उधर, शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जांच टीम सही तरीके से काम नहीं कर रही है। शिकायतकर्ता चंद्रमोहन द्विवेदी ने सांसद को पत्र लिखकर इन मामलों की जांच कराने की मांग की। जिस पर गुुरुवार को सांसद आरके सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की ईडी से जांच कराने की मांग की है।
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खुद लिखकर दिया कि गलती से निकाला भुगतान
चित्रकूट। डीएफओ आरके दीक्षित ने बताया कि जांच टीम अपना काम कर रही है। शिकायतकर्ता रिटायर्ड वनकर्मी चंद्रमोहन द्विवेदी विभाग के कई अधिकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। कई बार मेडिकल फंड के नाम पर दो-दो लाख रुपये निकाले। एक बार विभाग में इनके कागजात की जांच में मामला पकड़ा गया तो जेल जाने की नौबत आ गई। जिस पर शिकायतकर्ता ने लिखित रूप से वन विभाग व कोषागार विभाग में दिया कि गलती से ऐसा हुआ है भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। (संवाद)
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