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कोटेदार के चयन के बाद ग्रामीणों का हंगामा
कोटेदार के चयन के बाद ग्रामीणों का हंगामा
Updated Sun, 08 Jul 2018 10:49 PM IST
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hungama
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। खुली बैठक के दौरान कोटेदार का चयन होने के बाद एक पक्ष के ग्रामीणों ने इसे नियमों के विपरीत बताकर हंगामा काटा। मौके पर मौजूद अधिकारी किसी तरह खुद को बचाते मुख्यालय लौट आए। नाराज ग्रामीणों ने मुख्यालय आकर डीएम आवास के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। रास्ते में मिले एसडीएम व तहसीलदार को रोककर ग्रामीणों ने चयन को निरस्त कराने की मांग की। आरोप लगाया कि गांव गए अधिकारियों ने पक्षपात तरीके से काम किया है।
मुख्यालय से सटे कालूपुर पाही गांव में रविवार नायब तहसीलदार रामशंकर, एडीओ पंचायत रमेश गुप्ता व सचिव सुरेंद्र सिंह खुली बेैठक में कोेटेदार का चयन कराने पहुंचे। प्रधान ओमप्रकाश की मौजूदगी में बैठक शुरू होते ही कोटेदार के लिए तीन नाम आए। जिस पर मतदान कराने की बात तय हुई। तीनों दावेदार देवनलाल, विनय व अश्वनी को अलग-अलग लाईन में बैठाकर ग्रामीणों से कहा गया जो जिसके पक्ष में हो उस तरफ की लाइन में बैठ जाए।
तीनों दावेदारों की लाइन में ग्रामीण पहुंचने लगे इसी बीच विनय ने देखा कि उसके साथ कम लोग हैं तो वह खुद अपने समर्थकों के साथ देवनलाल के पास जाकर बैठ गया। इस प्रकार अधिकारियों ने देवनलाल को सबसे ज्यादा समर्थन मिलने पर कोटेदार घोषित किया। इतना सुनते ही अश्वनी के समर्थकों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यह तरीका गलत है और गुप्त मतदान होना चाहिए। ग्रामीण अधिक ारियों पर पक्षपात का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे। जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनने लगी। यह देख अधिकारी आश्वासन देकर किसी तरह चले आए। इसके बाद ग्रामीण भी मुख्यालय पहुंचे। डीएम आवास पर कहा गया कि एसडीएम से मिलें। जब ग्रामीण एसडीएम आवास की ओर जा रहे थे तो रास्ते में एसडीएम की गाड़ी मिलने पर रोककर पूरी जानकारी दी। चयन प्र्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की। जिस पर एसडीएम इंदुप्रकाश ने कहा कि कोटेदार के चयन पर अंतिम मुहर मुख्यालय से लगेगी। इसकी जांच कराई जाएगी। इस मौके पर श्रवण, प्रेम, राजा, यदुराज, वीरेंद्र, रामानंद, राजू, सुनील, ममता, शकुंतला, सुनीता, रेखा व लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
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ऐसी रही चयन प्रक्रिया
चित्रकूट। एडीओ पंचायत रमेश गुप्ता ने बताया कि गांव में कुल 1438 मतदाता हैं। नियमानुसार 20 प्रतिशत का बैठक में होना अनिवार्य है। रविवार को कोटेदार के चयन में अश्वनी को 223, विनय को 113 व देवनलाल को 205 लोगों का समर्थन मिला। इसके बाद विनय 113 लोगों के साथ देवनलाल का समर्थन कर उसके पाले में गया तो उसकी गिनती 319 मानी गई।
चित्रकूट। खुली बैठक के दौरान कोटेदार का चयन होने के बाद एक पक्ष के ग्रामीणों ने इसे नियमों के विपरीत बताकर हंगामा काटा। मौके पर मौजूद अधिकारी किसी तरह खुद को बचाते मुख्यालय लौट आए। नाराज ग्रामीणों ने मुख्यालय आकर डीएम आवास के सामने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। रास्ते में मिले एसडीएम व तहसीलदार को रोककर ग्रामीणों ने चयन को निरस्त कराने की मांग की। आरोप लगाया कि गांव गए अधिकारियों ने पक्षपात तरीके से काम किया है।
मुख्यालय से सटे कालूपुर पाही गांव में रविवार नायब तहसीलदार रामशंकर, एडीओ पंचायत रमेश गुप्ता व सचिव सुरेंद्र सिंह खुली बेैठक में कोेटेदार का चयन कराने पहुंचे। प्रधान ओमप्रकाश की मौजूदगी में बैठक शुरू होते ही कोटेदार के लिए तीन नाम आए। जिस पर मतदान कराने की बात तय हुई। तीनों दावेदार देवनलाल, विनय व अश्वनी को अलग-अलग लाईन में बैठाकर ग्रामीणों से कहा गया जो जिसके पक्ष में हो उस तरफ की लाइन में बैठ जाए।
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तीनों दावेदारों की लाइन में ग्रामीण पहुंचने लगे इसी बीच विनय ने देखा कि उसके साथ कम लोग हैं तो वह खुद अपने समर्थकों के साथ देवनलाल के पास जाकर बैठ गया। इस प्रकार अधिकारियों ने देवनलाल को सबसे ज्यादा समर्थन मिलने पर कोटेदार घोषित किया। इतना सुनते ही अश्वनी के समर्थकों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि यह तरीका गलत है और गुप्त मतदान होना चाहिए। ग्रामीण अधिक ारियों पर पक्षपात का आरोप लगाकर नारेबाजी करने लगे। जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनने लगी। यह देख अधिकारी आश्वासन देकर किसी तरह चले आए। इसके बाद ग्रामीण भी मुख्यालय पहुंचे। डीएम आवास पर कहा गया कि एसडीएम से मिलें। जब ग्रामीण एसडीएम आवास की ओर जा रहे थे तो रास्ते में एसडीएम की गाड़ी मिलने पर रोककर पूरी जानकारी दी। चयन प्र्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की। जिस पर एसडीएम इंदुप्रकाश ने कहा कि कोटेदार के चयन पर अंतिम मुहर मुख्यालय से लगेगी। इसकी जांच कराई जाएगी। इस मौके पर श्रवण, प्रेम, राजा, यदुराज, वीरेंद्र, रामानंद, राजू, सुनील, ममता, शकुंतला, सुनीता, रेखा व लक्ष्मी आदि मौजूद रहीं।
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ऐसी रही चयन प्रक्रिया
चित्रकूट। एडीओ पंचायत रमेश गुप्ता ने बताया कि गांव में कुल 1438 मतदाता हैं। नियमानुसार 20 प्रतिशत का बैठक में होना अनिवार्य है। रविवार को कोटेदार के चयन में अश्वनी को 223, विनय को 113 व देवनलाल को 205 लोगों का समर्थन मिला। इसके बाद विनय 113 लोगों के साथ देवनलाल का समर्थन कर उसके पाले में गया तो उसकी गिनती 319 मानी गई।