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चित्रकूट: न्यायिक कार्य से विरत रहे अधिवक्ता, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
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चित्रकूट। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमराज सिंह सहित दर्जनों अधिवक्ताओं ने सोमवार न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रदेश के राज्यपाल संबोधित 14 सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। कहा कि प्रदेश सरकार ने यदि विभिन्न मांगों को अविलंब स्वीकार नहीं किया तो समस्त अधिवक्ता सरकार विरोधी कार्यक्रम जारी रखेंगे। 16 मार्च को जिले के अधिवक्ता लाल पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में अधिवक्ताओं की नृशंस हत्याएं एवं मारपीट की घटनाएं अनवरत हो रही है। शासन का कोई अंकुश नहीं है। पूर्ववर्ती सरकार ने प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये न्यासी समिति के अधिवक्ताओं के दावों के भुगतान को बार काउंसिल आफ उप्र को दिया जाता था जो वर्तमान सरकार नहीं दे रही हैं। फलस्वरूप लगभग पांच सौ मृतक अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का भुगतान शेष है। भुगतान न होने तथा अधिवक्ताओं की मांगों पर सरकार के रुचि न लेने के चलते उप्र बार काउंसिल के आवाहन पर जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र के माध्यम से प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया था कि न्यासी समिति से प्राप्त धनराशि को 1.50 लाख से बढ़ा कर पांच लाख कर देंगे, परंतु तीन वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि प्रदेश सरकार ने अविलंब मांगें नहीं स्वीकार किया तो 16 मार्च को हाथ में लाल पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
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इस मौके पर, महासचिव शिवशंकर उपाध्याय, नीरू गुप्ता, आलोक द्विवेदी, आदर्श श्रीवास्तव, राहुल शर्मा, राधेश्याम, दमयंती केसरवानी, संदीप पांडेय, अमित कुमार यादव, कमलेश, टीएन सिंह, शिवप्रकाश, राकेश शुक्ला, राकेश भारद्वाज, अरुण गोयल, कन्हैयालाल वर्मा, सीताराम सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में अधिवक्ताओं की नृशंस हत्याएं एवं मारपीट की घटनाएं अनवरत हो रही है। शासन का कोई अंकुश नहीं है। पूर्ववर्ती सरकार ने प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये न्यासी समिति के अधिवक्ताओं के दावों के भुगतान को बार काउंसिल आफ उप्र को दिया जाता था जो वर्तमान सरकार नहीं दे रही हैं। फलस्वरूप लगभग पांच सौ मृतक अधिवक्ताओं की पत्रावलियों का भुगतान शेष है। भुगतान न होने तथा अधिवक्ताओं की मांगों पर सरकार के रुचि न लेने के चलते उप्र बार काउंसिल के आवाहन पर जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।
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सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि भाजपा ने संकल्प पत्र के माध्यम से प्रदेश के समस्त अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया था कि न्यासी समिति से प्राप्त धनराशि को 1.50 लाख से बढ़ा कर पांच लाख कर देंगे, परंतु तीन वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के बावजूद अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि प्रदेश सरकार ने अविलंब मांगें नहीं स्वीकार किया तो 16 मार्च को हाथ में लाल पट्टी बांध कर विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
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इस मौके पर, महासचिव शिवशंकर उपाध्याय, नीरू गुप्ता, आलोक द्विवेदी, आदर्श श्रीवास्तव, राहुल शर्मा, राधेश्याम, दमयंती केसरवानी, संदीप पांडेय, अमित कुमार यादव, कमलेश, टीएन सिंह, शिवप्रकाश, राकेश शुक्ला, राकेश भारद्वाज, अरुण गोयल, कन्हैयालाल वर्मा, सीताराम सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।