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शिक्षामित्रों ने जन चेतना रैली से बुलंद की आवाज
Chitrakoot
Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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संयुक्त शिक्षामित्र एसोसिएशन ने मांगे पूरी न होने पर विधानसभा के सामने धरने की दी चेतावनी
चित्रकूट। संयुक्त शिक्षामित्र एसोसिएशन ने जन चेतना रैली निकालकर सरकार के किए गए वादों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया। शहर के मुख्य मार्ग से प्रदर्शन करते हुए रैली जुलूस ट्रैफिक चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। नेताओं ने मांगे न पूरी होने पर इक्कीस मई को विधानसभा के सामने धरना देने की चेतावनी भी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
सोमवार को बीएसए कार्यालय के सामने जुटे शिक्षामित्रों ने कहा कि अब तक सभी सरकारों ने उनसे केवल वादे किए लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया। नियुक्ति से लेकर आज तक हमेशा शोषण ही हुआ है। इस दौरान धरने की अगुवाई करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष भाऊराम पटेल ने कहा कि अगर इस सरकार ने भी वादाखिलाफी की तो इसकी भी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। शिक्षामित्र महिला नेता मीता करवरिया ने कहा कि यह जन चेतना रैली तो सिर्फ चेतावनी है। अगर सरकार शिक्षामित्रों की मांग पर गंभीरता से विचार न कर पूर्ववर्ती सरकारों की तरह अगर उन्हें मूर्ख बनाती रही तो उसकी चूलें हिला दी जाएंगी। धरने की अगुवाई रमेश यादव, सुशांत प्रताप, उमा देवी, राजनारायण यादव आदि शिक्षामित्रों ने की। शहर के मुख्य मार्ग से प्रदर्शन करते हुए रैली जुलूस ट्रैफिक चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपते हुए शिक्षामित्रों नेे चेतावनी दी कि मांगे न माने जाने पर शिक्षामित्र 21 मई को विधानसभा के सामने विशाल धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान सुरेश कुमार पांडे, अनूप मिश्र, संपत, अंबिका प्रसाद, रामकृष्ण, राजनारायण, राजाराम यादव, प्रदीप यादव, अमृत लाल, वीएन पटेल, रासेवक शुक्ल, विनोद कुमार यादव, देवमुनि, पियूष त्रिपाठी, ममता त्रिपाठी, सैयद अली, जानकी शरण यादव, शत्रुघभन प्रसाद, छाया यादव, शिवशंकर शुक्ला आदि सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
‘हर भारतीय के मन
में रामनाम की पोथी’
लखनऊ से आई राम वनगमन पथयात्रा
dlअमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के चित्रकूट आगमन की तिथि वैशाख शुक्ल द्वादशी महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में समारोहपूर्वक मनाई गई। मानवताकुलम लखनऊ के तत्वावधान में चित्रकूट आई श्रीराम वनगमन पथयात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि हर भारतीय के मन में रामनाम की पोथी है, इसलिए इसका मिटना असंभव है।
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मुख्य अतिथि यात्रा संयोजक कृष्ण नारायण पांडे ने कहा कि यह प्रभु के चित्रकूट आगमन की प्रामाणिक तिथि है और इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र में भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था और अनुराग के वातावरण का सृजन होगा। उन्होंने वाल्मीकि रामायण की प्रमाणिकता की भी चर्चा की। कहा कि रामायण और पुराणों में वर्णित तिथियों में साम्य देखने को मिलता है। इसलिए रामकथा रसिकों और पथ अन्वेषक विद्वान इसका गहराई से अध्ययन करें। राम पथ गमन यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि रामकथा के प्रसंग स्थलों को चिह्नित, प्रमाणित और संरक्षित करना है कि भावी समाज उससे प्रेरणा ले सके। विकलांग विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि राम पथ के बारे में भले ही मत मतांतर हों किंतु प्रत्येक भारतीय आस्था और विश्वास के कारण अपने आसपास के स्थलों में भगवान राम का सजीव दर्शन पाता हैै। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कृष्णबिहारी पांडे ने कहा कि राम चित्रकूट आगमन की इस सनातन तिथि से विवि का लगाव निरंतर गहरा होता जा रहा है। ऐसा लगता है कि श्रीराम ने इन साधु-संतों के स्वरूप में स्वयं पधारकर हमें यह तिथि मनाने की प्रेरणा दी है। चित्रकूट के महंत गोविंद दास ने मंदाकिनी नदी की दशा पर चिंता व्यक्त की। अयोध्या से आए गोपाल दास ने प्रभु राम की विभिन्न यात्राओं का वर्णन किया। नेपाल के डा. ओमप्रकाश पांडे ने सलाह दी कि तथाकथित धर्मनिरपेक्षता से ऊपर उठकर हमें अपने सांस्कृतिक प्रतीकों को गौरव और सम्मान से सहेजकर रखना चाहिए। कार्यक्रम संयोजिका डा. प्रज्ञा मिश्रा ने रामरक्षा स्रोत का वाचन किया। रामखेलावन उर्फ राजा पांडे ने भजन गाया। डा. स्वर्णलता शर्मा व गंगाराम तिवारी तुलसी रामायण के प्रसंगों से राम वन गमन को लोक कल्याणकारी बताया। इस मौके पर प्रवेश विवरणिका का विमोचन किया गया। संचालन डा. वीरेंद्र कुमार व्यास ने किया।
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चित्रकूट। संयुक्त शिक्षामित्र एसोसिएशन ने जन चेतना रैली निकालकर सरकार के किए गए वादों को पूरा करने के लिए दबाव बनाया। शहर के मुख्य मार्ग से प्रदर्शन करते हुए रैली जुलूस ट्रैफिक चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। नेताओं ने मांगे न पूरी होने पर इक्कीस मई को विधानसभा के सामने धरना देने की चेतावनी भी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।
सोमवार को बीएसए कार्यालय के सामने जुटे शिक्षामित्रों ने कहा कि अब तक सभी सरकारों ने उनसे केवल वादे किए लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया। नियुक्ति से लेकर आज तक हमेशा शोषण ही हुआ है। इस दौरान धरने की अगुवाई करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष भाऊराम पटेल ने कहा कि अगर इस सरकार ने भी वादाखिलाफी की तो इसकी भी ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। शिक्षामित्र महिला नेता मीता करवरिया ने कहा कि यह जन चेतना रैली तो सिर्फ चेतावनी है। अगर सरकार शिक्षामित्रों की मांग पर गंभीरता से विचार न कर पूर्ववर्ती सरकारों की तरह अगर उन्हें मूर्ख बनाती रही तो उसकी चूलें हिला दी जाएंगी। धरने की अगुवाई रमेश यादव, सुशांत प्रताप, उमा देवी, राजनारायण यादव आदि शिक्षामित्रों ने की। शहर के मुख्य मार्ग से प्रदर्शन करते हुए रैली जुलूस ट्रैफिक चौराहा होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित छह सूत्री ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपते हुए शिक्षामित्रों नेे चेतावनी दी कि मांगे न माने जाने पर शिक्षामित्र 21 मई को विधानसभा के सामने विशाल धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान सुरेश कुमार पांडे, अनूप मिश्र, संपत, अंबिका प्रसाद, रामकृष्ण, राजनारायण, राजाराम यादव, प्रदीप यादव, अमृत लाल, वीएन पटेल, रासेवक शुक्ल, विनोद कुमार यादव, देवमुनि, पियूष त्रिपाठी, ममता त्रिपाठी, सैयद अली, जानकी शरण यादव, शत्रुघभन प्रसाद, छाया यादव, शिवशंकर शुक्ला आदि सैकड़ों शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
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‘हर भारतीय के मन
में रामनाम की पोथी’
लखनऊ से आई राम वनगमन पथयात्रा
dlअमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के चित्रकूट आगमन की तिथि वैशाख शुक्ल द्वादशी महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में समारोहपूर्वक मनाई गई। मानवताकुलम लखनऊ के तत्वावधान में चित्रकूट आई श्रीराम वनगमन पथयात्रा का जोरदार स्वागत किया गया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि हर भारतीय के मन में रामनाम की पोथी है, इसलिए इसका मिटना असंभव है।
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मुख्य अतिथि यात्रा संयोजक कृष्ण नारायण पांडे ने कहा कि यह प्रभु के चित्रकूट आगमन की प्रामाणिक तिथि है और इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र में भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था और अनुराग के वातावरण का सृजन होगा। उन्होंने वाल्मीकि रामायण की प्रमाणिकता की भी चर्चा की। कहा कि रामायण और पुराणों में वर्णित तिथियों में साम्य देखने को मिलता है। इसलिए रामकथा रसिकों और पथ अन्वेषक विद्वान इसका गहराई से अध्ययन करें। राम पथ गमन यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि रामकथा के प्रसंग स्थलों को चिह्नित, प्रमाणित और संरक्षित करना है कि भावी समाज उससे प्रेरणा ले सके। विकलांग विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर्या प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि राम पथ के बारे में भले ही मत मतांतर हों किंतु प्रत्येक भारतीय आस्था और विश्वास के कारण अपने आसपास के स्थलों में भगवान राम का सजीव दर्शन पाता हैै। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. कृष्णबिहारी पांडे ने कहा कि राम चित्रकूट आगमन की इस सनातन तिथि से विवि का लगाव निरंतर गहरा होता जा रहा है। ऐसा लगता है कि श्रीराम ने इन साधु-संतों के स्वरूप में स्वयं पधारकर हमें यह तिथि मनाने की प्रेरणा दी है। चित्रकूट के महंत गोविंद दास ने मंदाकिनी नदी की दशा पर चिंता व्यक्त की। अयोध्या से आए गोपाल दास ने प्रभु राम की विभिन्न यात्राओं का वर्णन किया। नेपाल के डा. ओमप्रकाश पांडे ने सलाह दी कि तथाकथित धर्मनिरपेक्षता से ऊपर उठकर हमें अपने सांस्कृतिक प्रतीकों को गौरव और सम्मान से सहेजकर रखना चाहिए। कार्यक्रम संयोजिका डा. प्रज्ञा मिश्रा ने रामरक्षा स्रोत का वाचन किया। रामखेलावन उर्फ राजा पांडे ने भजन गाया। डा. स्वर्णलता शर्मा व गंगाराम तिवारी तुलसी रामायण के प्रसंगों से राम वन गमन को लोक कल्याणकारी बताया। इस मौके पर प्रवेश विवरणिका का विमोचन किया गया। संचालन डा. वीरेंद्र कुमार व्यास ने किया।