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Chitrakoot News: यमुना किनारे तालाबों को मिलेगा कवच
Wed, 23 Sep 2026 11:21 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:21 PM IST
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चित्रकूट। जिले के तालाबों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने सबसे बड़ा दांव चल दिया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने यमुना पट्टी के 46 तालाबों को आर्द्रभूमि (वेटलैंड) घोषित कर संरक्षित करने का प्लान तैयार किया है।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति और पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि तालाब बचेंगे तभी चित्रकूट बचेगा। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि अब तक जिन तालाबों का जीर्णोद्धार हुआ है, उसका गांव-गांव में प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि जल संरक्षण की अलख हर घर तक पहुंचे।
जनपद में सिंघानिया और बड़ा तालाब को वेटलैंड बनाए हैं। इससे प्रवासी पक्षियों की वापसी हुई है और आसपास के दो किमी क्षेत्र में भूजल स्तर 4 फीट तक बढ़ गया है। सिंघानिया और बड़ा तालाब बतौर वेटलैंड सफलता पर अब प्रशासन ने यमुना किनारे बसे 46 तालाबों को इसी सुरक्षा कवच में लाने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग से नक्शे और आख्या मांगी गई है।
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अधिसूचना जारी होते ही इन तालाबों की बिक्री, अतिक्रमण और अवैध मिट्टी खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा। प्रत्येक तालाब के संरक्षण के लिए अलग बजट और निगरानी टीम बनाई जाएगी।
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कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला गंगा समिति और पर्यावरण समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि तालाब बचेंगे तभी चित्रकूट बचेगा। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि अब तक जिन तालाबों का जीर्णोद्धार हुआ है, उसका गांव-गांव में प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि जल संरक्षण की अलख हर घर तक पहुंचे।
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जनपद में सिंघानिया और बड़ा तालाब को वेटलैंड बनाए हैं। इससे प्रवासी पक्षियों की वापसी हुई है और आसपास के दो किमी क्षेत्र में भूजल स्तर 4 फीट तक बढ़ गया है। सिंघानिया और बड़ा तालाब बतौर वेटलैंड सफलता पर अब प्रशासन ने यमुना किनारे बसे 46 तालाबों को इसी सुरक्षा कवच में लाने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व विभाग से नक्शे और आख्या मांगी गई है।
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अधिसूचना जारी होते ही इन तालाबों की बिक्री, अतिक्रमण और अवैध मिट्टी खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा। प्रत्येक तालाब के संरक्षण के लिए अलग बजट और निगरानी टीम बनाई जाएगी।