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अब आमरण अनशन पर बैठी माया
Chitrakoot
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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चित्रकूट। औदहा की दलित युवती अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग को लेकर गुरुवार से आमरण अनशन पर बैठ गई है। उसने 27 अप्रैल को क्रमिक अनशन किया था। एसडीएम कर्वी ने लेखपाल, कानूनगो और एसओ पहाड़ी को कब्जा हटाने का आदेश दिया था, किंतु अभी तक अवैध कब्जा हटाया नहीं जा सका है।
औदहा पहाड़ी की माया देवी ने बताया कि उसके पिता चौसठिया को इस जमीन का पट्टा मिला था। उसे बाकायदा कब्जा भी मिल गया था, जहां वह सपरिवार कच्चा घर बनवाकर रह रहा था। आरोप है कि गांव के शिवकरन पुत्र धौकल और उसके चाचा देशराज ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। मना करने पर वे नहीं माने। उसने बताया कि एसडीएम राकेश चंद्र ने लेखपाल, कानूनगो और एसओ पहाड़ी को आदेशित किया था। इसके बाद भी अवैध कब्जा हटाया नहीं गया। ये लोग कब्जा हटवाने की बजाय उसके परिवार पर ही समझौता कराने का दबाव बना रहे हैं। उसने बताया कि 27 अप्रैल को उसने चेतावनी स्वरूप एक दिन का सांकेतिक अनशन भी किया पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण विवश होकर आमरण अनशन कर रही है। उसका कहना है कि अवैध कब्जा हटाकर दोषियों को जेल भेजे जाने और लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार और एसओ पहाड़ी को तत्काल प्रभाव से हटाने तक उसका अनशन जारी रहेगा।
समर्थन में आए राजनीतिक दल
माया के आमरण अनशन के समर्थन में राजनीतिक दल भी आ गए हैं। गुरुवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने माया देवी से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे त्रियुगी नारायण ने कहा कि अगर जिला प्रशासन मामले पर ध्यान नहीं देता तो कांग्रेस माया के समर्थन में आंदोलन करेगी। भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी माया से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया।
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औदहा पहाड़ी की माया देवी ने बताया कि उसके पिता चौसठिया को इस जमीन का पट्टा मिला था। उसे बाकायदा कब्जा भी मिल गया था, जहां वह सपरिवार कच्चा घर बनवाकर रह रहा था। आरोप है कि गांव के शिवकरन पुत्र धौकल और उसके चाचा देशराज ने उसकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया। मना करने पर वे नहीं माने। उसने बताया कि एसडीएम राकेश चंद्र ने लेखपाल, कानूनगो और एसओ पहाड़ी को आदेशित किया था। इसके बाद भी अवैध कब्जा हटाया नहीं गया। ये लोग कब्जा हटवाने की बजाय उसके परिवार पर ही समझौता कराने का दबाव बना रहे हैं। उसने बताया कि 27 अप्रैल को उसने चेतावनी स्वरूप एक दिन का सांकेतिक अनशन भी किया पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस कारण विवश होकर आमरण अनशन कर रही है। उसका कहना है कि अवैध कब्जा हटाकर दोषियों को जेल भेजे जाने और लेखपाल, कानूनगो, नायब तहसीलदार और एसओ पहाड़ी को तत्काल प्रभाव से हटाने तक उसका अनशन जारी रहेगा।
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समर्थन में आए राजनीतिक दल
माया के आमरण अनशन के समर्थन में राजनीतिक दल भी आ गए हैं। गुरुवार को कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने माया देवी से मुलाकात कर सहयोग का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे त्रियुगी नारायण ने कहा कि अगर जिला प्रशासन मामले पर ध्यान नहीं देता तो कांग्रेस माया के समर्थन में आंदोलन करेगी। भाजपा नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने भी माया से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली और मदद का आश्वासन दिया।
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