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पावर प्लांट की जमीन में धोखा, कुछ हिस्सा बेचा
Chitrakoot
Updated Fri, 17 Jan 2014 05:47 AM IST
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चित्रकूट। बरगढ़ थानाक्षेत्र के मुरका गांव में प्रस्तावित पावर प्लांट की जमीन के अधिग्रहण मेें बड़ी धोखाधड़ी करने वाला गुरुवार को क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। आरोपी ने करीब दो माह पूर्व अधिग्रहण की गई जमीन का 10 बीघा का टुकड़ा बेच दिया था। मामले का खुलासा होने पर और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी की तलाश में थी।
चित्रकूट के लोढ़वारा गांव निवासी और कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्विवेदी का बेटा मलय द्विवेदी बरगढ़ के मुरका गांव में एक पॉवर प्लाट लगा रहे है। इसके लिए उन्होंने लगभग 400 बीघा जमीन खरीदी है। मलय द्विवेदी के अनुसार इलाहाबाद के करछना थानाक्षेत्र निवासी अखिल प्रकाश उनकी कंपनी में काम करता है। जमीन का सौदा होने के बाद रजिस्ट्री के दिन वह लखनऊ गए चले गए थे। इसी का फायदा उठाकर अखिल ने धोखाधड़ी कर 40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली जबकि जमीन का भुगतान उनके चेक से हुआ है। इसकी जानकारी होने पर अखिल से जमीन की रजिस्ट्री बदलने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा। करीब तीन माह बाद उसने चोरी से जमीन का 10 बीघा इलाहाबाद के अधिवक्ता के नाम रजिस्ट्री कर दी। इसकी जानकारी होने पर अखिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वही पुलिस हिरासत में आरोपी अखिल ने बताया मलय फर्जी रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त करते है और कंपनियों को ऊंचे दामों में बेचते है। उनकी फर्म का रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। मलय ने कंपनी के नाम पर जमीन नहीं खरीदी है, बल्कि 10 सहयोगियों के नाम पर 40-40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई है। मलय की गल्ती से उस पर 10-12 लाख का कर्ज हो गया था। उसकी भरपाई के लिए जमीन बेची है। वही कंपनी के अस्तित्व में न होने के सवाल का जवाब मलय के पास भी नहीं है। सवाल यह है अगर कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं है तो किसानों की जमीन कम दामों में क्यों खरीदी गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया जमीन की हेराफेरी के मामले मे अखिल के खिलाफ 419, 420, 467 और 468 धारा में कार्रवाई हुई थी। इसके बाद आरोपी को इलाहाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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चित्रकूट के लोढ़वारा गांव निवासी और कांग्रेस के महासचिव जनार्दन द्विवेदी का बेटा मलय द्विवेदी बरगढ़ के मुरका गांव में एक पॉवर प्लाट लगा रहे है। इसके लिए उन्होंने लगभग 400 बीघा जमीन खरीदी है। मलय द्विवेदी के अनुसार इलाहाबाद के करछना थानाक्षेत्र निवासी अखिल प्रकाश उनकी कंपनी में काम करता है। जमीन का सौदा होने के बाद रजिस्ट्री के दिन वह लखनऊ गए चले गए थे। इसी का फायदा उठाकर अखिल ने धोखाधड़ी कर 40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली जबकि जमीन का भुगतान उनके चेक से हुआ है। इसकी जानकारी होने पर अखिल से जमीन की रजिस्ट्री बदलने को कहा तो वह आनाकानी करने लगा। करीब तीन माह बाद उसने चोरी से जमीन का 10 बीघा इलाहाबाद के अधिवक्ता के नाम रजिस्ट्री कर दी। इसकी जानकारी होने पर अखिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वही पुलिस हिरासत में आरोपी अखिल ने बताया मलय फर्जी रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त करते है और कंपनियों को ऊंचे दामों में बेचते है। उनकी फर्म का रजिस्ट्रेशन तक नहीं है। मलय ने कंपनी के नाम पर जमीन नहीं खरीदी है, बल्कि 10 सहयोगियों के नाम पर 40-40 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई है। मलय की गल्ती से उस पर 10-12 लाख का कर्ज हो गया था। उसकी भरपाई के लिए जमीन बेची है। वही कंपनी के अस्तित्व में न होने के सवाल का जवाब मलय के पास भी नहीं है। सवाल यह है अगर कंपनी का रजिस्ट्रेशन नहीं है तो किसानों की जमीन कम दामों में क्यों खरीदी गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया जमीन की हेराफेरी के मामले मे अखिल के खिलाफ 419, 420, 467 और 468 धारा में कार्रवाई हुई थी। इसके बाद आरोपी को इलाहाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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