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सूचना न देने पर उप कृषि निदेशक को नोटिस, निदेशक बोले- हिंदुस्तान भर की सूचना मांगोगे तो 65 हजार तो देना ही होगा
Chitrakoot
Updated Sun, 31 Mar 2013 05:30 AM IST
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चित्रकूट। सूचना का अधिकार कानून बनने के बाद भी एक आम आदमी को साधारण से साधारण सूचना के लिए दर दर की ठोकरे खानी पड़ रही है। लोगों को सूचना न देनी पडे़ इसके लिए वे अंत तक प्रयास करते हैं अगर कोई रास्ता नहीं मिलता तो वे इसके लिए फोटोकापी चार्ज ही काफी बढ़ाकर मांग लेते हैं जिससे सूचना मांगने वाला व्यक्ति हार मान कर बैठ जाए लेकिन अधिकारियों की यह जुगत कभी कभी उनके गले की फांस भी बन जाती है। मामला उपकृषि निदेशक कार्यालय का है जिनके खिलाफ सूचना न देने के मामले में दोषी मानते हुए राज्य सूचना आयोग ने तलब किया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव सुनील कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग में स्प्रिंकलर सेट बांटने में व्यापक हेर फेर किया है। इसके लिए उन्होने 8 अप्रैल 2011 को कृषि विभाग से स्प्रिंकलर सेट व कृषि विभाग के बजट से संबधित चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी लेकिन सूचना न देने पर उन्होंने एडीएम के पास अपील की लेकिन वहां से भी जानकारी नहीं दी गई। इस पर पांडे ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर दी। राज्य सूचना आयोग ने उप कृषिनिदेशक को 26 अप्रैल 2013 को लखनऊ कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया। उधर मामले में उप कृषि निदेशक ने बताया कि उन्होंने जब जानकारी मांगी थी तो दस दिन के भीतर ही सभी सूचनाओं की फोटोेकापी के लिए 65 हजार रुपए की मांग की गई। जिस पर उन का कोई जबाव नहीं आया। उन्होंने सहायक सूचनाधिकारी एडीएम के यहां अपील की लेकिन उन्होने भुगतान नहीं किया जिससे उन्हें जानकारी नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि एडीएम के सामने भी अपना पक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि राज्य सूचना आयोग की नोटिस मिल गई है। वे समय पर पहुंचकर इसका जवाब देंगे जब उनसे पूछा गया कि चार बिंदुओ की सूचना के लिए 65 हजार का भुगतान क्यों मांगा गया तो उनका जवाब था कि जब पूरे हिंदुस्तान की सूचना मांगेंगे तो इतना तो लगेगा ही। उधर, सुनील ने कहा है कि जिले में अधिकारी सूचनाएं देने में हीलाहवाली करते हैं और पार्टी जल्द ही इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत करेगी। बताया कि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का भी मन बनाया जा रहा है।
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गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव सुनील कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि कृषि विभाग में स्प्रिंकलर सेट बांटने में व्यापक हेर फेर किया है। इसके लिए उन्होने 8 अप्रैल 2011 को कृषि विभाग से स्प्रिंकलर सेट व कृषि विभाग के बजट से संबधित चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी लेकिन सूचना न देने पर उन्होंने एडीएम के पास अपील की लेकिन वहां से भी जानकारी नहीं दी गई। इस पर पांडे ने राज्य सूचना आयोग में अपील कर दी। राज्य सूचना आयोग ने उप कृषिनिदेशक को 26 अप्रैल 2013 को लखनऊ कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश दिया। उधर मामले में उप कृषि निदेशक ने बताया कि उन्होंने जब जानकारी मांगी थी तो दस दिन के भीतर ही सभी सूचनाओं की फोटोेकापी के लिए 65 हजार रुपए की मांग की गई। जिस पर उन का कोई जबाव नहीं आया। उन्होंने सहायक सूचनाधिकारी एडीएम के यहां अपील की लेकिन उन्होने भुगतान नहीं किया जिससे उन्हें जानकारी नहीं दी जा सकी। उन्होंने बताया कि एडीएम के सामने भी अपना पक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि राज्य सूचना आयोग की नोटिस मिल गई है। वे समय पर पहुंचकर इसका जवाब देंगे जब उनसे पूछा गया कि चार बिंदुओ की सूचना के लिए 65 हजार का भुगतान क्यों मांगा गया तो उनका जवाब था कि जब पूरे हिंदुस्तान की सूचना मांगेंगे तो इतना तो लगेगा ही। उधर, सुनील ने कहा है कि जिले में अधिकारी सूचनाएं देने में हीलाहवाली करते हैं और पार्टी जल्द ही इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत करेगी। बताया कि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन का भी मन बनाया जा रहा है।
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