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खाली कुर्सी, पेन किलर्स ही सहारा
Chitrakoot
Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
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रेलवे की चिकित्सा व्यवस्थाएं सिर्फ सोच तक सीमित
dlअमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मेले में बदकिस्मती से अकस्मात होने वाली घटनाओं पर तो किसी का अंकुश नहीं है पर इसके बाद जो उपचारात्मक सुविधाएं होनी चाहिए, रेलवे स्टेशनों पर इनका अभाव है। जिला मुख्यालय के स्टेशन पर मेले के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का जो हाल है अगर उसका संज्ञान लिया जाए तो यह तस्वीर स्वत: साफ हो जाती है कि बाकी स्टेशनों पर क्या हाल होगा?
कुंभ मेले और मौनी अमावस्या को लेकर शुरुआत से पहले कई बार उत्तर-मध्य रेलवे के अधिकारियों ने यहां आकर कई तरह की हिदायतें दीं थीं पर लगता है कि अधिकारियों ने कान नहीं दिए। कर्वी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के कमरे के ठीक बगल में परिसर में दो कुर्सियां और एक मेज पड़ी है। बताया गया कि यही मेडिकल सुविधा है। गौरतलब है कि जब डीआरएम नवीन चोपड़ा ने यहां की व्यवस्थाओं को लेकर दौरा किया था तो साफ निर्देश दिए थे कि यहां मेडिकल सुविधाओं के लिए टेंट लगाया जाएगा और साथ ही सभी व्यवस्थाएं रहेंगी। सोमवार की सुबह 10.50 बजे जब देखा गया तो एक कुर्सी पर एक कर्मचारी बैठा था। पूछने पर बताया कि वह ड्रेसर है और डाक्टर साहब चाय पीने गए हैं। लगभग आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी डाक्टर साहब नहीं आए। झांसी से आए मेला प्रभारी पी कुजूर ने बताया कि कर्वी व मानिकपुर को मेला स्टेशन बनाया गया है। यहां पर चिकित्सीय सुविधाएं भी दी गई हैं। कर्वी में झांसी से आए चिकित्सक डा. रफीक अहमद और दो स्टाफ दिए गए हैं, जबकि मानिकपुर में झांसी के ही डा. राजीव की ड्यूटी है। बताया कि यहां पर सिर्फ टिंचर और दर्द निवारक गोलियां ही दी जाती हैं और इनमें से उन्हीं को दवा दी जाएगी, जिनके पास रेलवे का टिकट होगा। एक एंबुलेंस है, जो बांदा से अटैच्ड है। बाकी व्यवस्थाओं की वह विस्तृत जानकारी नहीं दे सके।
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dlअमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। मेले में बदकिस्मती से अकस्मात होने वाली घटनाओं पर तो किसी का अंकुश नहीं है पर इसके बाद जो उपचारात्मक सुविधाएं होनी चाहिए, रेलवे स्टेशनों पर इनका अभाव है। जिला मुख्यालय के स्टेशन पर मेले के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का जो हाल है अगर उसका संज्ञान लिया जाए तो यह तस्वीर स्वत: साफ हो जाती है कि बाकी स्टेशनों पर क्या हाल होगा?
कुंभ मेले और मौनी अमावस्या को लेकर शुरुआत से पहले कई बार उत्तर-मध्य रेलवे के अधिकारियों ने यहां आकर कई तरह की हिदायतें दीं थीं पर लगता है कि अधिकारियों ने कान नहीं दिए। कर्वी रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के कमरे के ठीक बगल में परिसर में दो कुर्सियां और एक मेज पड़ी है। बताया गया कि यही मेडिकल सुविधा है। गौरतलब है कि जब डीआरएम नवीन चोपड़ा ने यहां की व्यवस्थाओं को लेकर दौरा किया था तो साफ निर्देश दिए थे कि यहां मेडिकल सुविधाओं के लिए टेंट लगाया जाएगा और साथ ही सभी व्यवस्थाएं रहेंगी। सोमवार की सुबह 10.50 बजे जब देखा गया तो एक कुर्सी पर एक कर्मचारी बैठा था। पूछने पर बताया कि वह ड्रेसर है और डाक्टर साहब चाय पीने गए हैं। लगभग आधा घंटा इंतजार करने के बाद भी डाक्टर साहब नहीं आए। झांसी से आए मेला प्रभारी पी कुजूर ने बताया कि कर्वी व मानिकपुर को मेला स्टेशन बनाया गया है। यहां पर चिकित्सीय सुविधाएं भी दी गई हैं। कर्वी में झांसी से आए चिकित्सक डा. रफीक अहमद और दो स्टाफ दिए गए हैं, जबकि मानिकपुर में झांसी के ही डा. राजीव की ड्यूटी है। बताया कि यहां पर सिर्फ टिंचर और दर्द निवारक गोलियां ही दी जाती हैं और इनमें से उन्हीं को दवा दी जाएगी, जिनके पास रेलवे का टिकट होगा। एक एंबुलेंस है, जो बांदा से अटैच्ड है। बाकी व्यवस्थाओं की वह विस्तृत जानकारी नहीं दे सके।
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