{"_id":"5cc5f3b7bdec22075875f7dd","slug":"81556476855-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टूटा लाखों की लागत का चेकडैम, कहीं नहीं जल संरक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टूटा लाखों की लागत का चेकडैम, कहीं नहीं जल संरक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। निही गांव के छुलछुरिया नाला पर लाखों रुपये से बना चेकडैम व पुल ध्वस्त हो गया है। जिससे गर्मी के दिनों में कई गांव के लोगों को पानी का संकट हो गया है। इस पुल के माध्यम से दूसरे गांव जाने वाला मार्ग भी प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि बस चुनाव के समय ही नेता समस्या के बारे में पूछते हैं लेकिन इसका समाधान नहीं कराते हैं। चुनाव बाद तो इन नेताओं के दर्शन तक नहीं होते।
पाठा क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए निही गांव स्थित छुल छुरिया नाले में चैकडैम व पुल का निर्माण किया गया था। ताकि बारिश का पानी एक स्थान पर एकत्र किया जा सके। पिछले साल अच्छी बारिश होने से बनाए गए चेकडैम व पुल बह गए। निही गांव के कमलेश कुमार सिंह, राजू , उमेश , अमित व सहिल ने का कहना है कि मानक के आधार पर पुल का निर्माण नहीं किया गया था। जिससे बरसात में चैकडैम व पुल बह गए। गांवों में आते जाते थे। परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राएं भी विद्यालय पढ़ाई करने के लिए पुल के सहारे ही आते जाते रहे है।
बारिश के सीजन में अधिक बारिश हुई लेकिन किसी ने जल संरक्षण का प्रयास नहीं किया। उल्टे लाखों रुपये की लागत से बना चेकडैम टूट गया। जिससे अब गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या हो रही है। बारिश में यह नाला उफनाने की कगार पर था। कई बार नाला पार करते समय कई छात्र-छात्राएं डूबते -डूबते बचे थे। मौके पर पुलिस पहुंचकर छात्राओं को बचाने का कार्य किया था। सिंचाई विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता आर पी पांडेय ने बताया कि मामले को लेकर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाठा क्षेत्र में पानी की समस्या को देखते हुए निही गांव स्थित छुल छुरिया नाले में चैकडैम व पुल का निर्माण किया गया था। ताकि बारिश का पानी एक स्थान पर एकत्र किया जा सके। पिछले साल अच्छी बारिश होने से बनाए गए चेकडैम व पुल बह गए। निही गांव के कमलेश कुमार सिंह, राजू , उमेश , अमित व सहिल ने का कहना है कि मानक के आधार पर पुल का निर्माण नहीं किया गया था। जिससे बरसात में चैकडैम व पुल बह गए। गांवों में आते जाते थे। परिषदीय स्कूल के छात्र-छात्राएं भी विद्यालय पढ़ाई करने के लिए पुल के सहारे ही आते जाते रहे है।
विज्ञापन
बारिश के सीजन में अधिक बारिश हुई लेकिन किसी ने जल संरक्षण का प्रयास नहीं किया। उल्टे लाखों रुपये की लागत से बना चेकडैम टूट गया। जिससे अब गर्मियों में लोगों को पानी की समस्या हो रही है। बारिश में यह नाला उफनाने की कगार पर था। कई बार नाला पार करते समय कई छात्र-छात्राएं डूबते -डूबते बचे थे। मौके पर पुलिस पहुंचकर छात्राओं को बचाने का कार्य किया था। सिंचाई विभाग निर्माण खंड के सहायक अभियंता आर पी पांडेय ने बताया कि मामले को लेकर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन