{"_id":"5b799ef142c792465942f5b6","slug":"71534697201-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तो अब मंदाकिनी में ही होगा अटलजी की अस्थि विसर्जन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तो अब मंदाकिनी में ही होगा अटलजी की अस्थि विसर्जन
Updated Sun, 19 Aug 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंदाकिनी में ही होगा अटलजी की अस्थियों का विसर्जन
चित्रकूट। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का धर्मनगरी से गहरा नाता रहा है ऐसे में उनकी अस्थियों का विसर्जन कार्यक्रम से यह भगवान श्रीराम की नगरी दूर कैसे रह सकती है। उनकी अस्थियां मंदाकिनी नदी में ही प्रवाहित होंगी। इसकी तिथि में भी बदलाव किया गया है।
दो दिन पहले प्रदेश सरकार से जारी विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां पूरे यूपी की नदियों में विसर्जित होंगी। जिसमें चित्रकूट जिले की यमुना नदी का नाम बताया गया था। धर्मनगरी में मंदाकिनी नदी का महत्व पुराणों में भी दिया गया है। भगवान श्रीराम तक ने अपने पिता का तर्पण यहां किया था। जिससे लोगों में आक्रोश था कि आखिर मंदाकिनी में विसर्जन क्यों नहीं किया जा रहा है। अमर उजाला ने रविवार के अंक में इसकी खबर छापी थी। इस खबर के बाद कानपुर बुंदेलखंड प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने रविवार को अमर उजाला को बताया कि प्रदेश से किसी मिस अंडरस्टैंडिंग के कारण मंदाकिनी नदी का नाम रह गया था। पूर्व पीएम की अस्थियां मंदाकिनी नदी में ही प्रवाहित होंगी। इसके लिए तारीख में संशोधन संभव है।
क्षेत्रीय मंत्री अशोक जाटव ने बताया कि पहले चित्रकूट में अस्थि कलश 21 अगस्त को आना था लेकिन अब इसमें कुछ संशोधन किया गया है। संभावना है कि 23 या 25 को अस्थियां लाकर मंदाकिनी में प्रवाहित की जाएंगी। इसे लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष के साथ पार्टी के कई पदाधिकारी वाया बांदा होकर आएंगे। अंतिम फाइनल तारीख मंगलवार को घोषित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का धर्मनगरी से गहरा नाता रहा है ऐसे में उनकी अस्थियों का विसर्जन कार्यक्रम से यह भगवान श्रीराम की नगरी दूर कैसे रह सकती है। उनकी अस्थियां मंदाकिनी नदी में ही प्रवाहित होंगी। इसकी तिथि में भी बदलाव किया गया है।
दो दिन पहले प्रदेश सरकार से जारी विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां पूरे यूपी की नदियों में विसर्जित होंगी। जिसमें चित्रकूट जिले की यमुना नदी का नाम बताया गया था। धर्मनगरी में मंदाकिनी नदी का महत्व पुराणों में भी दिया गया है। भगवान श्रीराम तक ने अपने पिता का तर्पण यहां किया था। जिससे लोगों में आक्रोश था कि आखिर मंदाकिनी में विसर्जन क्यों नहीं किया जा रहा है। अमर उजाला ने रविवार के अंक में इसकी खबर छापी थी। इस खबर के बाद कानपुर बुंदेलखंड प्रांत के क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने रविवार को अमर उजाला को बताया कि प्रदेश से किसी मिस अंडरस्टैंडिंग के कारण मंदाकिनी नदी का नाम रह गया था। पूर्व पीएम की अस्थियां मंदाकिनी नदी में ही प्रवाहित होंगी। इसके लिए तारीख में संशोधन संभव है।
विज्ञापन
क्षेत्रीय मंत्री अशोक जाटव ने बताया कि पहले चित्रकूट में अस्थि कलश 21 अगस्त को आना था लेकिन अब इसमें कुछ संशोधन किया गया है। संभावना है कि 23 या 25 को अस्थियां लाकर मंदाकिनी में प्रवाहित की जाएंगी। इसे लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष के साथ पार्टी के कई पदाधिकारी वाया बांदा होकर आएंगे। अंतिम फाइनल तारीख मंगलवार को घोषित होगी।
विज्ञापन