{"_id":"5b5604714f1c1b47748b6835","slug":"51532363889-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना जांच के बंद कराईं क्रेशर मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना जांच के बंद कराईं क्रेशर मशीनें
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद ने लोकसभा में उठाया क्रेशर मशीनों का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र मेें लगीं क्रेशर मशीनों को बंद करने के मुद्दे को सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने लोकसभा के सत्र में मामला उठाया। कहा कि पर्यावरण के नाम पर क्रेशर मशीनों को बंद कराया जा रहा है। इससे उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। बड़ी संख्या में मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में ग्रेनाइट पत्थर बड़ी मात्रा में है। इस पर आधारित उद्योग स्टोन क्रेशर है। इस कार्य को करने वालों को तरह-तरह के नियम कानून नियम बताकर उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि अधिकतर क्रेशर मालिकों द्वारा सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। गैर सरकारी संगठन एनजीओ द्वारा बिना कागजों की जांच पड़ताल किये झूठे हलफनामें के आधार पर एनजीटी दिल्ली ने जो मुकदमें कायम कराए है। वैधानिक नोटिस को रद्द कराकर संबन्धित एनजीओ आदि के खिलाफ उचित कार्रवाई की इस उद्योग को बंद होने से बचाया जाए। ताकि बुंदेलखंड क्षेत्र के लाखों गरीब मजदूरों को रोजी रोटी से बचाया जा सके।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। भरतकूप क्षेत्र मेें लगीं क्रेशर मशीनों को बंद करने के मुद्दे को सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने लोकसभा के सत्र में मामला उठाया। कहा कि पर्यावरण के नाम पर क्रेशर मशीनों को बंद कराया जा रहा है। इससे उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। बड़ी संख्या में मजदूर बेरोजगार हो गये हैं।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में ग्रेनाइट पत्थर बड़ी मात्रा में है। इस पर आधारित उद्योग स्टोन क्रेशर है। इस कार्य को करने वालों को तरह-तरह के नियम कानून नियम बताकर उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि अधिकतर क्रेशर मालिकों द्वारा सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। गैर सरकारी संगठन एनजीओ द्वारा बिना कागजों की जांच पड़ताल किये झूठे हलफनामें के आधार पर एनजीटी दिल्ली ने जो मुकदमें कायम कराए है। वैधानिक नोटिस को रद्द कराकर संबन्धित एनजीओ आदि के खिलाफ उचित कार्रवाई की इस उद्योग को बंद होने से बचाया जाए। ताकि बुंदेलखंड क्षेत्र के लाखों गरीब मजदूरों को रोजी रोटी से बचाया जा सके।
विज्ञापन