{"_id":"5b96b6a0867a557ff666acbc","slug":"41536603808-chitrakoot-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य केंद्र की गुणवता को लेकर लगाई फटकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य केंद्र की गुणवता को लेकर लगाई फटकार
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्ता को लेकर लगाई फटकार
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। दिव्यागंजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक /नोडल अधिकारी डा. बलकार सिंह ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय मऊ, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय मऊ व निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र के अधूरा होने और गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों समेत कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाई।
सोमवार उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा के निर्माण के बारे में जानकारी की। जिसमें बताया गया कि वर्ष 2015-16 में इसकी स्वीकृति हुई थी, जिसका कार्य 28 मार्च 2018 को शुरू हुआ है। जिसकी कुल लागत 511.87 लाख है। जिसमें से अभी तक 255.94 लाख की धनराशि अवमुक्त हुई जिसके सापेक्ष 66.90 लाख रुपये की धनराशि व्यय हो गई है। मेन बिल्डिंग , आवास निर्माण पर उन्होंने कार्यदायी संस्था आवास-विकास को निर्देश दिये कि पहले बिल्डिंग का कार्य पूर्ण कराकर हैंडओवर करायें। उन्होंने दो ईटों के बीच अंतर ज्यादा होने पर तकनीकी टीम को निर्देश दिये कि सैंपल भरकर इसकी जांच की जाय।
नोडल अधिकारी ने विकास खंड के निरीक्षण में मनरेगा समेत शौचालय आवास व अन्य निर्माण कार्य की जानकारी ली। इस दौरान खंड विकास अधिकारी मऊ को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आवास में जो द्वितीय किस्त अभी तक लाभार्थियों को नही दी गयी है उसे तत्काल भेजा जाय और कार्यालय की साफ-सफाई व जो व्यस्थाएं हैं उन्हें ठीक करा लें आपका कार्य संतोष जनक नही है। अगली बार के निरीक्षण में सभी व्यवस्थायें दुरुस्त रहनी चाहिये। इसके बाद उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय में लैब कक्ष का निरीक्षण किया जिसमें लैब टेक्निीशियन ने बताया कि 3488 मृदा परीक्षण के नमूने अभी तक भरे गये हैं जिसमें से 2200 नमूने का परीक्षण करा कर मुख्यालय कर्वी में 12 तत्व की जांच हेतु भेजा गया है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में दो लैब मृदा परीक्षण के लिये स्थापित है जिसमे मऊ पर एनपीके की जांच होती है तथा कर्वी मुख्यालय में 12 तत्वों की जांच कराकर कृषकों को मृदा परीक्षण कार्ड दिया जाता है। नोडल अधिकारी ने कहा कि कार्यालय की साफ-सफाई सही ढंग से नही है इसे ठीक कराया जाय।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। दिव्यागंजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशक /नोडल अधिकारी डा. बलकार सिंह ने खंड विकास अधिकारी कार्यालय मऊ, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय मऊ व निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य केंद्र के अधूरा होने और गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों समेत कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को फटकार लगाई।
सोमवार उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रैपुरा के निर्माण के बारे में जानकारी की। जिसमें बताया गया कि वर्ष 2015-16 में इसकी स्वीकृति हुई थी, जिसका कार्य 28 मार्च 2018 को शुरू हुआ है। जिसकी कुल लागत 511.87 लाख है। जिसमें से अभी तक 255.94 लाख की धनराशि अवमुक्त हुई जिसके सापेक्ष 66.90 लाख रुपये की धनराशि व्यय हो गई है। मेन बिल्डिंग , आवास निर्माण पर उन्होंने कार्यदायी संस्था आवास-विकास को निर्देश दिये कि पहले बिल्डिंग का कार्य पूर्ण कराकर हैंडओवर करायें। उन्होंने दो ईटों के बीच अंतर ज्यादा होने पर तकनीकी टीम को निर्देश दिये कि सैंपल भरकर इसकी जांच की जाय।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी ने विकास खंड के निरीक्षण में मनरेगा समेत शौचालय आवास व अन्य निर्माण कार्य की जानकारी ली। इस दौरान खंड विकास अधिकारी मऊ को निर्देश दिये कि प्रधानमंत्री आवास में जो द्वितीय किस्त अभी तक लाभार्थियों को नही दी गयी है उसे तत्काल भेजा जाय और कार्यालय की साफ-सफाई व जो व्यस्थाएं हैं उन्हें ठीक करा लें आपका कार्य संतोष जनक नही है। अगली बार के निरीक्षण में सभी व्यवस्थायें दुरुस्त रहनी चाहिये। इसके बाद उप संभागीय कृषि प्रसार कार्यालय में लैब कक्ष का निरीक्षण किया जिसमें लैब टेक्निीशियन ने बताया कि 3488 मृदा परीक्षण के नमूने अभी तक भरे गये हैं जिसमें से 2200 नमूने का परीक्षण करा कर मुख्यालय कर्वी में 12 तत्व की जांच हेतु भेजा गया है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में दो लैब मृदा परीक्षण के लिये स्थापित है जिसमे मऊ पर एनपीके की जांच होती है तथा कर्वी मुख्यालय में 12 तत्वों की जांच कराकर कृषकों को मृदा परीक्षण कार्ड दिया जाता है। नोडल अधिकारी ने कहा कि कार्यालय की साफ-सफाई सही ढंग से नही है इसे ठीक कराया जाय।
विज्ञापन