{"_id":"696e6e9b9152967b400ac9bb","slug":"326-crore-tax-evasion-from-pharmaceutical-business-through-fake-firms-fir-against-nine-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1003-125954-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: फर्जी फर्मों से दवा का कारोबार से 3.26 करोड़ कर चोरी, नौ के खिलाफ प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: फर्जी फर्मों से दवा का कारोबार से 3.26 करोड़ कर चोरी, नौ के खिलाफ प्राथमिकी
Mon, 19 Jan 2026 11:19 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:19 PM IST
विज्ञापन
चित्रकूट। टैक्स चोरी के लिए पहले जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों से फर्में बनाई, बाद में उनके जरिए 18.68 करोड़ रुपये दवा का कारोबार कर आईजीएसटी में 3.26 करोड़ से अधिक राजस्व चूना लगाया। राज्य कर विभाग ने इन फर्मों की जांच की तो जांच में दर्शाए गए पते पर फर्मों का संचालन नहीं मिला। ऐसे में अब राज्य कर के सहायक आयुक्त ने नौ फर्जी फर्मों के खिलाफ सदर कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ फर्मों की जांच का अभियान चला रखा है। अभियान में राज्य कर विभाग की टीम ने संचालित फर्मों की जांच शुरू की। प्रथमदृष्टया जांच में राज्य कर विभाग को नौ फर्मों की गतिविधियों पर संदेह हुआ, इस पर विभाग ने इनकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन पतों पर इन फर्मों का संचालन दर्शाया गया था, वहां वास्तव में कोई कारोबार नहीं चल रहा था। जबकि इन फर्मों पर करोड़ों का कारोबार किया गया।
राज्य कर के सहायक आयुक्त निखिल कुमार सिंह के अनुसार कुरैशी नईम भाई हनीफ भाई फर्म में रॉयल इंटर प्राइजेज ने गुजरात के अमरेली के काजींवाड पानी दरवाजा स्वामी नारायण मंदिर के पता के नाम से फर्म बनाई थी। इस पर करोड़ों का व्यापार किया। इसी प्रकार मे. पीवीजे इंटरप्राइजेज ने 1.63 करोड़, मार्क्स क्लोथिंग प्राइवेट ने 83.74 लाख, श्रीराम इंटरप्राइजेज ने 2.33 करोड़, श्रीजी इंटरप्राइजेज ने 3.93 करोड़, निवा इंटरप्राइजेज ने 1.37 करोड़, राजेश इंटरप्राइजेज ने 2.36 करोड़, टीए इंटरप्राइजेज ने 7.98 करोड़, शिव इंटरप्राइजेज ने 5.85 करोड़ का कारोबार किया।
विज्ञापन
जबकि इन फर्मों की राज्य कर विभाग ने जांच की तो तय पते पर न तो फर्म और न ही कारोबार संचालित होते पाया। जबकि इन फर्माें ने दिसंबर 2024 में जीएसटीआर रिटर्न दाखिल कर 18.68 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई घोषित करते हुए आईजीएसटी में तीन करोड़ 26 लाख 57251 रुपये की फर्जी आईटीसी दिया था। ऐसे में इन फर्मों ने सरकारी राजस्व की चोरी की।
राज्य कर के सहायक आयुक्त निखिल कुमार सिंह ने बताया कि इन फर्माें ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से भौतिक रूप से किसी सामान की आपूर्ति न कर केवल फर्जी फर्माें को आउटवर्ड सप्लाई किया है। इससे राजस्व चोरी की है। सभी फर्मों के खिलाफ अन्य कई जांच चल रही हैं। कोतवाल श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि तहरीर पर फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
राज्य कर विभाग ने कर चोरी के खिलाफ फर्मों की जांच का अभियान चला रखा है। अभियान में राज्य कर विभाग की टीम ने संचालित फर्मों की जांच शुरू की। प्रथमदृष्टया जांच में राज्य कर विभाग को नौ फर्मों की गतिविधियों पर संदेह हुआ, इस पर विभाग ने इनकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन पतों पर इन फर्मों का संचालन दर्शाया गया था, वहां वास्तव में कोई कारोबार नहीं चल रहा था। जबकि इन फर्मों पर करोड़ों का कारोबार किया गया।
विज्ञापन
राज्य कर के सहायक आयुक्त निखिल कुमार सिंह के अनुसार कुरैशी नईम भाई हनीफ भाई फर्म में रॉयल इंटर प्राइजेज ने गुजरात के अमरेली के काजींवाड पानी दरवाजा स्वामी नारायण मंदिर के पता के नाम से फर्म बनाई थी। इस पर करोड़ों का व्यापार किया। इसी प्रकार मे. पीवीजे इंटरप्राइजेज ने 1.63 करोड़, मार्क्स क्लोथिंग प्राइवेट ने 83.74 लाख, श्रीराम इंटरप्राइजेज ने 2.33 करोड़, श्रीजी इंटरप्राइजेज ने 3.93 करोड़, निवा इंटरप्राइजेज ने 1.37 करोड़, राजेश इंटरप्राइजेज ने 2.36 करोड़, टीए इंटरप्राइजेज ने 7.98 करोड़, शिव इंटरप्राइजेज ने 5.85 करोड़ का कारोबार किया।
विज्ञापन
जबकि इन फर्मों की राज्य कर विभाग ने जांच की तो तय पते पर न तो फर्म और न ही कारोबार संचालित होते पाया। जबकि इन फर्माें ने दिसंबर 2024 में जीएसटीआर रिटर्न दाखिल कर 18.68 करोड़ की आउटवर्ड सप्लाई घोषित करते हुए आईजीएसटी में तीन करोड़ 26 लाख 57251 रुपये की फर्जी आईटीसी दिया था। ऐसे में इन फर्मों ने सरकारी राजस्व की चोरी की।
राज्य कर के सहायक आयुक्त निखिल कुमार सिंह ने बताया कि इन फर्माें ने सरकारी धन का दुरुपयोग करने के उद्देश्य से भौतिक रूप से किसी सामान की आपूर्ति न कर केवल फर्जी फर्माें को आउटवर्ड सप्लाई किया है। इससे राजस्व चोरी की है। सभी फर्मों के खिलाफ अन्य कई जांच चल रही हैं। कोतवाल श्याम प्रताप पटेल ने बताया कि तहरीर पर फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।