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भगवान श्रीराम की खड़ाऊ देकर यात्रा की विदाई
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:48 PM IST
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भगवान श्रीराम की खड़ाऊ देकर यात्रा की विदाई
अमर उजाला ब्यूरो
खोही। अयोध्या से चलकर चित्रकूट धाम पहुंची भरत यात्रा का भरत मंदिर रामघाट में अगवानी की गई। यात्रा अयोध्या के लिए रवाना हो र्गई। साधुसंतों ने भगवान के स्वरूपों का भी सम्मान किया।
40 वर्षों से चल रही भरत यात्रा अयोध्या से चलकर चित्रकूट धाम पहुंची। दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवनदास ने यात्रा की आगवानी किया। इसके बाद भरत शत्रुघ्न झांकी का सुंदर मंचन किया गया। फिर भारत मंदिर में पूजन-अर्चन का कार्यक्रम हुआ। अयोध्या से चलकर आने वाली भरत यात्रा की शुरुआत प्रभु दत्त के ब्रह्मचारी जी ने की थी उनके बाद महंत नृत्यगोपाल दास जी ने यात्रा की बागडोर संभाली। इस वर्ष महंत कमलनयन दास यात्रा का कार्यभार देखा जिसमें भरत यात्रा संग सैकड़ों साधू संत व भक्त अयोध्या से आये थे। समापन समारोह के बाद महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि जो परंपरा 40 वर्ष पूर्व प्रभुदत्त ब्रम्हचारी ने शुरू की थी उस भरत यात्रा संस्कृति को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद भरत मंदिर में भगवान भरत और शत्रुघ्न को श्री राम की खड़ाऊ देकर विदा किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
खोही। अयोध्या से चलकर चित्रकूट धाम पहुंची भरत यात्रा का भरत मंदिर रामघाट में अगवानी की गई। यात्रा अयोध्या के लिए रवाना हो र्गई। साधुसंतों ने भगवान के स्वरूपों का भी सम्मान किया।
40 वर्षों से चल रही भरत यात्रा अयोध्या से चलकर चित्रकूट धाम पहुंची। दिगंबर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवनदास ने यात्रा की आगवानी किया। इसके बाद भरत शत्रुघ्न झांकी का सुंदर मंचन किया गया। फिर भारत मंदिर में पूजन-अर्चन का कार्यक्रम हुआ। अयोध्या से चलकर आने वाली भरत यात्रा की शुरुआत प्रभु दत्त के ब्रह्मचारी जी ने की थी उनके बाद महंत नृत्यगोपाल दास जी ने यात्रा की बागडोर संभाली। इस वर्ष महंत कमलनयन दास यात्रा का कार्यभार देखा जिसमें भरत यात्रा संग सैकड़ों साधू संत व भक्त अयोध्या से आये थे। समापन समारोह के बाद महंत दिव्यजीवन दास ने कहा कि जो परंपरा 40 वर्ष पूर्व प्रभुदत्त ब्रम्हचारी ने शुरू की थी उस भरत यात्रा संस्कृति को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके बाद भरत मंदिर में भगवान भरत और शत्रुघ्न को श्री राम की खड़ाऊ देकर विदा किया गया।
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