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क्रेशर मालिकों ने मांगा तीन साल का समय
Updated Wed, 12 Dec 2018 10:27 PM IST
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क्रेशर मालिकों ने मांगा तीन साल का समय
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने क्रेशर मिल मालिकों से प्रदूषण नियंत्रण का मानक पूरा करने के बाद ही क्रेशर संचालन की बात कही। क्रेशर मालिकों ने मानक पूरा करने के लिए तीन साल का समय मांगा। तब तक क्रेशर संचालन की अनुमति मांगी। अभी तक प्रदूषण मानक पूरा न होने के कारण दो दर्जन क्रेशर बंद कराए गए हैं।
बुधवार कलक्ट्रेट सभागार में क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों के साथ बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि क्रेशर राष्ट्रीय राजमार्ग से 5 सौ मीटर की दूरी में होने चाहिए। जिसके लिए पक्की सड़क व डस्ट होने पर पानी का छिड़काव होना चाहिए। क्रेशर के पास प्रदूषण रोधी वृक्षों का रोपड़ किया जाय। क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से 5 सौ मीटर की दूरी पर क्रेशर सिफ्टिंग के लिए तीन वर्ष का समय मांगने पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रपोजल शासन को भेजेंगे जिससे यह सिफ्टिंग का कार्य सुचारु रुप से करा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच के आदेश मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी। उन्होंने क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों से कहा गरीबों के लिए प्रशासन कंबल का वितरण कर रही है। गरीबों के हित का कार्य करें अपने क्रेशर में काम कर रहे गरीबों व जनपद के गरीबों को कंबलों का वितरण कराएं। बैठक में एडीएम जीपी सिंह, एसडीएम इन्दुप्रकाश, जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय, अपर एसडीएम सौजन्य कुमार व सुभाष चन्द्र सहित संबंधित अधिकारी व क्रशर मालिक व पट्टाधारक मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने क्रेशर मिल मालिकों से प्रदूषण नियंत्रण का मानक पूरा करने के बाद ही क्रेशर संचालन की बात कही। क्रेशर मालिकों ने मानक पूरा करने के लिए तीन साल का समय मांगा। तब तक क्रेशर संचालन की अनुमति मांगी। अभी तक प्रदूषण मानक पूरा न होने के कारण दो दर्जन क्रेशर बंद कराए गए हैं।
बुधवार कलक्ट्रेट सभागार में क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों के साथ बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि क्रेशर राष्ट्रीय राजमार्ग से 5 सौ मीटर की दूरी में होने चाहिए। जिसके लिए पक्की सड़क व डस्ट होने पर पानी का छिड़काव होना चाहिए। क्रेशर के पास प्रदूषण रोधी वृक्षों का रोपड़ किया जाय। क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से 5 सौ मीटर की दूरी पर क्रेशर सिफ्टिंग के लिए तीन वर्ष का समय मांगने पर जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रपोजल शासन को भेजेंगे जिससे यह सिफ्टिंग का कार्य सुचारु रुप से करा सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच के आदेश मिलने पर तत्काल जांच की जाएगी। उन्होंने क्रेशर मालिक व पट्टाधारकों से कहा गरीबों के लिए प्रशासन कंबल का वितरण कर रही है। गरीबों के हित का कार्य करें अपने क्रेशर में काम कर रहे गरीबों व जनपद के गरीबों को कंबलों का वितरण कराएं। बैठक में एडीएम जीपी सिंह, एसडीएम इन्दुप्रकाश, जिला खनिज अधिकारी मिथलेश कुमार पांडेय, अपर एसडीएम सौजन्य कुमार व सुभाष चन्द्र सहित संबंधित अधिकारी व क्रशर मालिक व पट्टाधारक मौजूद रहे।
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