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मिट्टी का परीक्षण कराने के बाद खेती करे
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राजापुर (चित्रकूट)। किसानों की आए दोगनी करने के उद्देश्य से क्षेत्र के तीरधुमाई गांव में चौपाल लगाई गई। जिसमें किसानों को जैविक खैती करने व आधुनिक खेती करने की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों ने दी।
तीरधुमई गांव में लगी चौपाल मेें कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी बृजकिशोर खरे कहा कि भूमि के मिट्टी का मृदा परीक्षण कराकर उस मिट्टी में होने वाली कमियों को दूर किया जा सकता है। जैसे ऊसर भूमि, उर्वरक शक्ति का कम होना व मिट्टी में किस खाद के प्रयोग से वह मिट्टी उपजाऊ बन सकती है। उन्होंने ने बताया कि जनपद में ग्रीष्म कालीन खेती का अभाव है। यदि किसान ग्रीष्म कालीन खेती जैसे सब्जी की खेती, चरी की खेती करके किसान अपनी आमदनी को दोगना बनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं । जहां भूमि ऊसर हो गई है। वहां पर फलदार वृक्ष लगाए जाएं। तकनीकी सहायक भूपेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत तीरधुमाई में लक्ष्य के सापेक्ष 155 किसानों के भूमि के मिट्टी का मृदा परीक्षण कराया गया और उन्हें प्रमाण पत्र देकर भूमि में होने वाली कमियों की जानकारी दी गईं। इस मौके पर किसान रामप्रकाश, राजेश, सुशील, ओमनारायण गर्ग, आशीष द्विवेदी, मनोज द्विवेदी, सुनील द्विवेदी, राजू त्रिपाठी, इंद्रपाल, रामचंद्र मौजदू रहे। ब्यूरो
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तीरधुमई गांव में लगी चौपाल मेें कृषि विभाग के सहायक विकास अधिकारी बृजकिशोर खरे कहा कि भूमि के मिट्टी का मृदा परीक्षण कराकर उस मिट्टी में होने वाली कमियों को दूर किया जा सकता है। जैसे ऊसर भूमि, उर्वरक शक्ति का कम होना व मिट्टी में किस खाद के प्रयोग से वह मिट्टी उपजाऊ बन सकती है। उन्होंने ने बताया कि जनपद में ग्रीष्म कालीन खेती का अभाव है। यदि किसान ग्रीष्म कालीन खेती जैसे सब्जी की खेती, चरी की खेती करके किसान अपनी आमदनी को दोगना बनाकर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं । जहां भूमि ऊसर हो गई है। वहां पर फलदार वृक्ष लगाए जाएं। तकनीकी सहायक भूपेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत तीरधुमाई में लक्ष्य के सापेक्ष 155 किसानों के भूमि के मिट्टी का मृदा परीक्षण कराया गया और उन्हें प्रमाण पत्र देकर भूमि में होने वाली कमियों की जानकारी दी गईं। इस मौके पर किसान रामप्रकाश, राजेश, सुशील, ओमनारायण गर्ग, आशीष द्विवेदी, मनोज द्विवेदी, सुनील द्विवेदी, राजू त्रिपाठी, इंद्रपाल, रामचंद्र मौजदू रहे। ब्यूरो
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