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Chitrakoot News: 1126 अति कुपोषित बच्चे, एनआरसी खाली
Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 19 Jan 2026 11:17 PM IST
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फोटो-19सीकेटीपी 03 जिला अस्पताल स्थित बंद पोषण पुनर्वास केंद्र। संवाद
- फोटो : संवाद
चित्रकूट। कुपोषण एक गंभीर समस्या का रूप ले चुका है। पांच ब्लॉकों में 1126 बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य व आईसीडीएस विभाग की उदासीनता से एक भी अति कुपोषित बच्चा पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती नहीं है। इनका इलाज तो दूर की बात है।
कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों की पहचान तो कर ली गई है। यहां के पांच ब्लॉकों में 1126 अति कुपोषित और 3631 कुपोषित बच्चे चयनित हुए। पर इन्हें जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र तक नहीं पहुंचाया नहीं गया। जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र के कक्ष सूने पड़े थे। यहां एक भी अति कुपोषित बच्चा भर्ती नहीं था, जबकि चिह्नित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराकर इलाज कराया जाना चाहिए था।
इसमें लापरवाही बरती जा रही है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि फिलहाल कोई अति कुपोषित बच्चा भर्ती नहीं है और यह कार्य आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का है। वहीं, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीडी विश्वकर्मा का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भूख परीक्षण होता है और अधिक समस्या होने पर पीएचसी/सीएचसी में भेजा जाता है। उन्होंने ठंड को बच्चों के परिजनों के एनआरसी न आने का कारण बताया। उन्होंने यह भी बताया कि इन बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार, आयरन सीरप, मल्टी विटामिन और एल्बेंडाजॉल की गोली दी जा रही है।
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ब्लॉकवार कुपोषित बच्चों का आंकड़ा
ब्लॉक -अति-कुपोषित - कुपोषित
शहर -142 -609
कर्वी -178 -585
मानिकपुर -258 -580
मऊ -216 -566
रामनगर - 94 - 467
पहाड़ी - 238 - 824
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कुपोषित और अति-कुपोषित बच्चों की पहचान तो कर ली गई है। यहां के पांच ब्लॉकों में 1126 अति कुपोषित और 3631 कुपोषित बच्चे चयनित हुए। पर इन्हें जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र तक नहीं पहुंचाया नहीं गया। जिला अस्पताल में बने पोषण पुनर्वास केंद्र के कक्ष सूने पड़े थे। यहां एक भी अति कुपोषित बच्चा भर्ती नहीं था, जबकि चिह्नित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराकर इलाज कराया जाना चाहिए था।
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इसमें लापरवाही बरती जा रही है। सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि फिलहाल कोई अति कुपोषित बच्चा भर्ती नहीं है और यह कार्य आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का है। वहीं, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीडी विश्वकर्मा का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में भूख परीक्षण होता है और अधिक समस्या होने पर पीएचसी/सीएचसी में भेजा जाता है। उन्होंने ठंड को बच्चों के परिजनों के एनआरसी न आने का कारण बताया। उन्होंने यह भी बताया कि इन बच्चों को अतिरिक्त पोषाहार, आयरन सीरप, मल्टी विटामिन और एल्बेंडाजॉल की गोली दी जा रही है।
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ब्लॉकवार कुपोषित बच्चों का आंकड़ा
ब्लॉक -अति-कुपोषित - कुपोषित
शहर -142 -609
कर्वी -178 -585
मानिकपुर -258 -580
मऊ -216 -566
रामनगर - 94 - 467
पहाड़ी - 238 - 824