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...तो मंदाकिनी मे प्रवाहित नहीं होंगी अटल जी की अस्थियां
Updated Sat, 18 Aug 2018 11:08 PM IST
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...तो मंदाकिनी में प्रवाहित नहीं होंगी अटल जी की अस्थियां
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के सभी जिलों की प्रमुख नदियों में प्रवाहित करने का निर्णय लिया है। जिसमें दुर्भाग्य से विश्वप्रसिद्ध भगवान राम की कर्मस्थली स्थित मंा मंदाकिनी शामिल नहीं है। इसे लेकर धर्मनगरी के लोग निराश हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अस्थि विसर्जन का जो रोडमैप तैयार किया गया है उसमें चित्रकूट की पवित्र माँ मंदाकिनी का नाम नही है। जो माँ सती अनुसूईया के प्रभाव के चलते देवलोक से चित्रकूट में प्रकट हुईं थीं। इस नदी का अपना पौराणिक महत्व है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास काल के 13 साल के दौरान प्रतिदिन माँ मंदाकिनी में स्नान किया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता की तरफ से अस्थि विसर्जन की जो सूची जारी की गई है। उसमें मंदाकिनी नदी का नाम नही है। जिसे लेकर जिले के लोग हतप्रभ व निराश है। उधर मानिकपुर में जनसंघ के जमाने के भाजपा नेता अधिवक्ता संतोष गुप्ता ने प्रदेश व केन्द्र सरकार को भेजे अपने पत्र में 16 अगस्त को देश भर में अटल दिवस के रूप में मनाये जाने की मांग की है। भाजपा नेता के अलावा बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह व समाजसेवी योगेश जैन ने कहा कि मंदाकिनी नदी में भी अटल जी की अस्थियों का विसर्जन होता तो अच्छा होता।
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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। प्रदेश की योगी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की अस्थियां प्रदेश के सभी जिलों की प्रमुख नदियों में प्रवाहित करने का निर्णय लिया है। जिसमें दुर्भाग्य से विश्वप्रसिद्ध भगवान राम की कर्मस्थली स्थित मंा मंदाकिनी शामिल नहीं है। इसे लेकर धर्मनगरी के लोग निराश हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अस्थि विसर्जन का जो रोडमैप तैयार किया गया है उसमें चित्रकूट की पवित्र माँ मंदाकिनी का नाम नही है। जो माँ सती अनुसूईया के प्रभाव के चलते देवलोक से चित्रकूट में प्रकट हुईं थीं। इस नदी का अपना पौराणिक महत्व है। प्रभु श्री राम ने अपने वनवास काल के 13 साल के दौरान प्रतिदिन माँ मंदाकिनी में स्नान किया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता की तरफ से अस्थि विसर्जन की जो सूची जारी की गई है। उसमें मंदाकिनी नदी का नाम नही है। जिसे लेकर जिले के लोग हतप्रभ व निराश है। उधर मानिकपुर में जनसंघ के जमाने के भाजपा नेता अधिवक्ता संतोष गुप्ता ने प्रदेश व केन्द्र सरकार को भेजे अपने पत्र में 16 अगस्त को देश भर में अटल दिवस के रूप में मनाये जाने की मांग की है। भाजपा नेता के अलावा बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह व समाजसेवी योगेश जैन ने कहा कि मंदाकिनी नदी में भी अटल जी की अस्थियों का विसर्जन होता तो अच्छा होता।
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