चकिया। चकिया क्षेत्र के ऐतिहासिक तीन दिवसीय लतीफशाह मेले के पहले दिन लतीफशाह मजार पर लगने वाले मेले में कोरोना महामारी के चलते पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए हजारों जायरीनों ने बाबा की मजार की जियारत की। इस दौरान मजार परिसर में मेला भी लगा तथा मेले में चाट-पकौड़ी, बिसातबाने, खिलौनों तथा अन्य जरूरी सामान की दुकानें भी लगीं।
लतीफशाह मेेले के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें पहले दिन लतीफशाह की मजार पर मेला लगता है। दूसरे दिन मेला चकिया आता है तथा दो दिन तक मेला चकिया में रहता है। मेले के पहले दिन लतीफशाह की मजार पर मेला लगा, लेकिन मेले में पहले जैसी रौनक तथा भीड़ नहीं दिखाई दी। फिर भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन कहीं हुआ। हजारो जायरीनो ने मजार की जियारत की तथा फातेहा पढ़कर प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान एक एसआई तथा दो कांस्टेबल की ड्यूटी लगाई गयी थी। लतीफशाह की मजार के अलावा कर्मनाशा नदी के पश्चिमी तट पर भी मेला लगा तथा मेले में हर वर्ष की अपेक्षा कम दुकानें दिखाई दी।