Chandauli: पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों को चारा डालते समय लगा करंट, भाई-बहन की मौके पर ही मौत, मचा कोहराम
जूही तिवारी और उनका भाई सत्यम उपाध्याय गांव के बाहर स्थित पोल्ट्री फार्म में गुरुवार की सुबह मुर्गियों को चारा डालने गए थे। इसी दौरान इनवर्टर के करेंट की चपेट में आ गए। पहले सत्यम को करेंट लगा, उसे छुड़ाने के प्रयास में जूही भी करेंट की चपेट में आ गई और दोनों की मौत हो गई। जूही के पति सियाराम तिवारी घटना के दौरान घर में मौजूद नहीं थे।
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चंदौली में धीना थाना क्षेत्र के बहेरी गांव में बृहस्पतिवार की भोर में मुर्गियों को दाना डालते समय करंट की चपेट में आने से सगे भाई बहन की मौत हो गई। इन्वर्टर का प्लग लगाने के दौरान करंट उतरा और दोनों उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना में मृत विवाहिता बहन के दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। मासूम बच्चों का करुण क्रंदन देकर हर कोई रो पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
बेहरी गांव निवासी सियाराम तिवारी की पत्नी जूही तिवारी (28) अपने भाई धानापुर थाना क्षेत्र के शांतिपुर तोरवा गांव निवासी सत्यम उपाध्याय (20) के साथ भोर के करीब पांच बजे पोल्ट्री फार्म में चारा डालने गई थी। पोल्ट्री फार्म गांव से करीब सात सौ मीटर दूर खेत में बना है।
संभावना जताई जा रही है कि फार्म में अंधेरा देखकर सत्यम इन्वर्टर में प्लग लगाने लगा। इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बहन जूही भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। जूही के पति सियाराम वाराणसी में शराब की दुकान पर सेल्समैन की नौकरी करते हैं।
सुबह जब पत्नी को फोन किया तो फोन नहीं उठा। फिर साले सत्यम को फोन किया तो उसका भी फोन नही उठा। घर के मोबाइल पर फोन किया तो उनकी सात वर्षीय पुत्री आरोही ने फोन उठाया। सियाराम ने उसे मां से बात कराने को कहा। इस पर पुत्री आरोही और पांच वर्षीय पुत्र सिद्धार्थ जब फार्म पर गए तो देखा कि मां और मामा दोनों जमीन पर गिरे पड़े हैं।
पुत्री ने फोन कर पिता को पूरी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में घटना की जानकारी पूरे गांव में आग की तरह फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहा पर परिजनों ने इसे दुर्घटना बताते हुए पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया। कहा कि अचानक घटना घटी है। यह कोई आपराधिक मामला नहीं है इसलिए वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। इस अनुरोध के बाद पुलिस ने पंचनामा कर शवों को परिजनों को सौंप दिया।
दौड़ व शूटिंग का उभरता खिलाड़ी था सत्यम
धानापुर थाना क्षेत्र के शांतिपुर तोरवा गांव निवासी सत्यम उपाध्याय दौड़ व राइफल शूटिंग का उभरता खिलाड़ी था। वह कई मेडल और ट्राफी भी जीत चुका था। उससे परिजन सहित क्षेत्र के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। उसके पिता मुन्ना उपाध्याय की मौत करीब 15 वर्ष पहले कार दुघर्टना में हो चुकी थी। वहीं सत्यम अक्सर बहन के गांव बहेरी जाकर उसकी मदद आदि करता था। बुधवार को भी वह बहन के घर गया था। दोनों सुबह पोल्ट्री फार्म के लिए निकले और बड़ा हादसा हो गया। संवाद