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मौसम ने फिर बदली करवट, बारिश से बढ़ी ठंड
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पीडीडीयू नगर। मौसम ने मंगलवार को एक बार फिर करवट बदली है। सुबह तेज हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश हुई। इससे ठंड में अचानक इजाफा हो गया। मंगलवार को सुबह नौ बजे अधिकतम तापमान 17 डिग्री हो गया। दोपहर मे कुछ देर के लिए धूप खिली लेकिन शाम को एक बार फिर आसमान में बादल घिर आए और ठंड का प्रकोप बढ़ गया।
वसंत ऋतु का आगमन हो चुका है। बावजूद इसके मौसम की करवट जारी है। मंगलवार की सुबह मौसम ने अचानक ही करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। देखते ही सुबह नौ बजे तेज हवाओं के बीच गरज चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। हालांकि यह सब कुछ ही पलों के लिए हुआ। हल्की बूंदा बांदी के बाद बारिश थम गई। अधिकतम तापमान छह डिग्री कम होकर 16 सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 12 डिग्री रहा। दिन भर 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। दो घंटे बाद 11 बजे कुछ देर के लिए धूप खिली और लोगों को राहत मिली लेकिन यह अधिक देर नहीं चला। दो बजे एक बार फिर आसमान में बादल छा गए और गलन की स्थिति हो गई। इसका सर्वाधिक असर माता सरस्वती पूजा की तैयारी में लगे युवाओं को हुई। बारिश ने एक बारगी पूजा आयोजकों के चेहरे की रंगत उड़ा दी है और वे बारिश से बचाव के इंतजाम में जुट गए हैं। वहीं किसान भी ओलावृष्टि को लेकर चिंतित हैं। यदि ओलावृष्टि होती है तो गेहूं की फसल के साथ आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों के उत्पादन पर असर पड़ेगा। पिछले माह हुई बारिश की वजह से सब्जी बर्बाद हो गई थी। इससे सब्जियों की कीमत आसमान पर पहुंच गई। यदि फिर से बारिश होती है तो और दिक्कत होगी।
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वसंत ऋतु का आगमन हो चुका है। बावजूद इसके मौसम की करवट जारी है। मंगलवार की सुबह मौसम ने अचानक ही करवट बदली और आसमान में बादल छा गए। देखते ही सुबह नौ बजे तेज हवाओं के बीच गरज चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। हालांकि यह सब कुछ ही पलों के लिए हुआ। हल्की बूंदा बांदी के बाद बारिश थम गई। अधिकतम तापमान छह डिग्री कम होकर 16 सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री हो गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 12 डिग्री रहा। दिन भर 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। दो घंटे बाद 11 बजे कुछ देर के लिए धूप खिली और लोगों को राहत मिली लेकिन यह अधिक देर नहीं चला। दो बजे एक बार फिर आसमान में बादल छा गए और गलन की स्थिति हो गई। इसका सर्वाधिक असर माता सरस्वती पूजा की तैयारी में लगे युवाओं को हुई। बारिश ने एक बारगी पूजा आयोजकों के चेहरे की रंगत उड़ा दी है और वे बारिश से बचाव के इंतजाम में जुट गए हैं। वहीं किसान भी ओलावृष्टि को लेकर चिंतित हैं। यदि ओलावृष्टि होती है तो गेहूं की फसल के साथ आलू, मटर सहित अन्य सब्जियों के उत्पादन पर असर पड़ेगा। पिछले माह हुई बारिश की वजह से सब्जी बर्बाद हो गई थी। इससे सब्जियों की कीमत आसमान पर पहुंच गई। यदि फिर से बारिश होती है तो और दिक्कत होगी।
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