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धान की रोपाई के लिए बांधों से मिलेगा पानी

Sun, 17 May 2020 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 10:42 PM IST
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Water will be available from dams for transplanting of paddy
चकिया / शिकारगंज। खरीफ सत्र में धान की खेती करने वाले किसानों को भरपूर पानी मिलेगा। धान की नर्सरी डालने, धान की रोपाई करने तथा सिंचाई के लिए भी वर्तमान बांधों से पानी मिलेगा। कर्मनाशा सिस्टम के बांधों में 49 दिन का तथा चंद्रप्रभा सिस्टम के बांधों में 20 दिन का पानी वर्तमान में है। जलशक्ति विभाग के सूत्रों के मुताबिक कर्मनाश सिस्टम के सिंचाई के लिए प्रयोग में न आने वाले भैंसौडा बीयर का जल स्तर 904.4 फीट है इस बीयर में 360 मिलियन एक फूट पानी उपलब्ध है नौगढ़ बांध का जलस्तर 850,50 फीट है, इस बांध में 1262 मिलियन धन फुट पानी उपलब्ध है। मूसाखांड बांध का जलस्तर 345 फीट है। इस बांध में 1900 मिलियन घन फुट पानी है। लतीफशाह बीयर का जलस्तर 285.8 फीट है, इस बीयर में 308 मिलियन घन फिट पानी उपलब्ध है। इस प्रकार कर्मनाशा सिस्टम में कुल 3830 मीलियन घन फीट पानी उपलब्ध है। जहां इस सिस्टम की नहरों को 49 दिनों तक फूल गेज से चलाने को पर्याप्त है।
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वहीं चंद्रप्रभा सिस्टम के चंद्रप्रभा बांध का जलस्तर 756.6 फीट है, इस बांध में 1084 मिलियन घन फुट पानी मौजूद है। मुजफ्फरपुर बीयर का जलस्तर 303.5 फीट है। इस बीयर में 19 मीलियन घनफुट पानी उपलब्ध है। चंद्रप्रभा सिस्टम में कुल 1103 मीलियन घन फूट पानी है जो सिस्टम के नहरों को 20 दिन तक पानी दे सकता है। कर्मनाशा सिस्टम की अपेक्षा चंद्रप्रभा सिस्टम में आधे से भी कम पानी मौजूद है लेकिन चंद्रप्रभा सिस्टम का कमांड एरिया कम होने के कारण इस सिस्टम में भी पर्याप्त पानी हैं। धान की नर्सरी के लिए यदि कर्मनाशा तथा चंद्रप्रभा दोनों सिस्टम के नहरों को फूल गेज से चलाया जाए तो 7 दिन का पानी लगता है। जलशक्ति विभाग चंद्रप्रभा प्रखंड के अधिशासी अभियंता पीके अग्रहरि के अनुसार पिछले मानसून सत्र तथा जाड़े में अच्छी बरसात होने से बांधों में धान की खेती आरंभ करने में कोई दिक्कत नहीं होगी तथा किसानों को नर्सरी व रोपाई के लिए पर्यात्र्त पानी उपलब्ध होगा।
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समय के पूर्व ही चलाई जा सकती है नहरें
चकिया। कर्मनाशा तथा चंद्रप्रभा सिस्टम के बाधों में समुचित पानी उपलब्ध होने तथा धान की नर्सरी अग्रिम डालने के लिए किसानों को पानी समय से उपलब्ध कराने के कर्मनाशा का सिस्टम कि नहरे निर्धारित समय के पूर्व ही चलाई जा सकती हैं। किसान बंधु की जिला स्तरीय बैठक में किसानों द्वारा बाधो में पर्याप्त पानी होने की हवाला देकर धान की नर्सरी अग्रिम डालने के लिए पानी पहले देने की मांग को देखते हुए निर्धारित समय 22 जून के पहले ही नहरे चलाई जा सकती है।
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