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Chandauli News: पांच महीने पहले हाईवे के लिए टूटी थीं 200 दुकानें, अब नाले के लिए दोबारा साै दुकानें तोड़ेगी पालिका
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पीडीडीयू नगर में मई माह में तोड़ी गई दुकानें। फाइलफोटो
- फोटो : katra news
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर के बाजार में पांच महीने पहले सड़क चौड़ीकरण के लिए 200 दुकानें तोड़ी गई थीं। अब अब नगर पालिका नाले के लिए दोबारा दुकानों को तोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए हाईवे के नाले से सटकर चार फुट जमीन ली लाएगी। पालिका प्रशासन की ओर से नगर में इसका एनाउंसमेंट कराया गया है। इससे दुकानदारों में फिर से भय का माहौल है। व्यापारी अभी तक अपनी दुकानों की मरम्मत और निर्माण करा रहे हैं। अब नगर निगम की घोषणा से दुकानदारों में खलबली मच गई है।
पड़ाव से गोधना तक सड़क चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में है। पीडीडीयू नगर में मई में सड़क के लिए भवनों और दुकानों पर बुल्डोजर चला था। 20 दिनों तक चले अभियान में उत्तरी और दक्षिणी पटरी पर दो सौ से ज्यादा दुकानों को तोड़ा गया था। बड़े पैमाने पर दुकानदारों ने स्वयं अपनी दुकानें मजदूर लगाकर तोड़वाई थीं। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से नाले का निर्माण कराया गया।
काम पूरा होने के बाद कारोबारी तोड़ी गई दुकानों को मरम्मत और पुनर्निर्माण करा रहे हैं। अभी दुकानें शुरू भी नहीं हुई कि बृहस्पतिवार को नगर पालिका ने ई-रिक्शा पर माइक लगाकर एनाउंस कराया। इसमें का गया कि पालिका प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में लोग सड़क के किनारे बने नाले से चार फीट जगह छोड़ कर ही भवन निर्माण कराएं। इसके बाद दुकानदारों में फिर से हड़कंप मच गया है। नगर पालिका के नाले के लिए सौ से ज्यादा दुकानें फिर से तोड़ी जाएंगी।
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इनसेट-
ध्वस्त हो चुके हैं पुराने नाले, जलनिकासी बाधित
जीटी रोड के चौड़ीकरण के दौरान सड़क के दोनों तरफ बनाए गए नाले को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। एक हिस्से से सड़क और आसपास का बारिश का पानी निकालने की व्यवस्था की गई है। वहीं, दूसरे हिस्से का इस्तेमाल केबल, गैस पाइप समेत अन्य उपयोगी सेवाओं के लिए किया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के चलते पानी की निकासी के लिए बने पुराने नाले ध्वस्त हो गए हैं। इससे आसपास के भवनों के पानी की निकासी बाधित हो गई है।
इनसेट-
दक्षिणी पटरी पर खाली कराई गई थी 48 फीट जगह
पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू से विवाद होता रहा है। पहले कहा गया कि जीटी रोड के डिवाइडर से 52 फीट जगह ली जाएगी। मई माह में जब दुकानें टूटने लगी तो व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद उत्तरी पटरी पर 52 फीट जबकि दक्षिणी पटरी पर 48 फीट ही दुकानें ही तोड़ी गईं। इसके बाद सड़क पर निर्माण कंपनी ने नाला निर्माण कराया। इसके बाद दुकानदारों ने नाले तक फिर से दुकानें बना ली। अब एक बार फिर नगर पालिका ने नाला निर्माण के लिए 4 फीट जमीन छोड़ने को कहा है।
इनसेट-
बोले व्यापारी--
- सड़क के लिए एक बार दुकानों तोड़ी जा चुकी हैं। जब सड़क और नाला बन गया तो अब फिर से चार फीट जगह मांगना गलत है। दुकानें बनाने के बाद फिर तोड़ी जाएंगी तो व्यापक आंदोलन होगा। -चंद्रेश्वर जायसवाल, प्रदेश मंत्री, उप्र व्यापार प्रतिनिधि मंडल
- छह महीने से दुकानदार परेशान हैं। व्यापारियों ने खुद अपनी दुकानें तोड़कर प्रशासन को जगह दी। अब फिर से जमीन मांगना प्रशासन की मनमानी है। व्यापारियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। - अमरनाथ जायसवाल, जिलाध्यक्ष, सपा व्यापार सभा, चंदौली
- प्रशासन को अपने निर्णय पर कायम रहना चाहिए। पीडीडीयू नगर के व्यापारियों को लगातार अंधेरे में रखा जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही के कारण पूरा व्यापार चौपट हाे गया है। त्योहारी सीजन में फिर से दुकानें टूटेंगी तो व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। -सुरेश कपाही, व्यापारी
- पहले ही हम लोगों की रजिस्ट्री कराई गई दुकानों और मकानों को तोड़ा जा चुका है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया। अब फिर से चार फीट जमीन छोड़ने की घोषणा समझ में नहीं आ रही। - अंकुर जायवाल, व्यापारी
कोट-
पीडीडीयू नगर में भविष्य में जलनिकासी की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोगों से नाले से चार फीट जगह छोड़ कर निर्माण कराने की अपील की जा रही है। इससे लोगों को भविष्य में जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर
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पड़ाव से गोधना तक सड़क चौड़ीकरण का काम अंतिम चरण में है। पीडीडीयू नगर में मई में सड़क के लिए भवनों और दुकानों पर बुल्डोजर चला था। 20 दिनों तक चले अभियान में उत्तरी और दक्षिणी पटरी पर दो सौ से ज्यादा दुकानों को तोड़ा गया था। बड़े पैमाने पर दुकानदारों ने स्वयं अपनी दुकानें मजदूर लगाकर तोड़वाई थीं। इसके बाद कार्यदायी संस्था की ओर से नाले का निर्माण कराया गया।
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काम पूरा होने के बाद कारोबारी तोड़ी गई दुकानों को मरम्मत और पुनर्निर्माण करा रहे हैं। अभी दुकानें शुरू भी नहीं हुई कि बृहस्पतिवार को नगर पालिका ने ई-रिक्शा पर माइक लगाकर एनाउंस कराया। इसमें का गया कि पालिका प्रशासन की ओर से पानी निकासी के लिए नाले का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में लोग सड़क के किनारे बने नाले से चार फीट जगह छोड़ कर ही भवन निर्माण कराएं। इसके बाद दुकानदारों में फिर से हड़कंप मच गया है। नगर पालिका के नाले के लिए सौ से ज्यादा दुकानें फिर से तोड़ी जाएंगी।
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इनसेट-
ध्वस्त हो चुके हैं पुराने नाले, जलनिकासी बाधित
जीटी रोड के चौड़ीकरण के दौरान सड़क के दोनों तरफ बनाए गए नाले को दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। एक हिस्से से सड़क और आसपास का बारिश का पानी निकालने की व्यवस्था की गई है। वहीं, दूसरे हिस्से का इस्तेमाल केबल, गैस पाइप समेत अन्य उपयोगी सेवाओं के लिए किया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के चलते पानी की निकासी के लिए बने पुराने नाले ध्वस्त हो गए हैं। इससे आसपास के भवनों के पानी की निकासी बाधित हो गई है।
इनसेट-
दक्षिणी पटरी पर खाली कराई गई थी 48 फीट जगह
पीडीडीयू नगर में सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू से विवाद होता रहा है। पहले कहा गया कि जीटी रोड के डिवाइडर से 52 फीट जगह ली जाएगी। मई माह में जब दुकानें टूटने लगी तो व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद उत्तरी पटरी पर 52 फीट जबकि दक्षिणी पटरी पर 48 फीट ही दुकानें ही तोड़ी गईं। इसके बाद सड़क पर निर्माण कंपनी ने नाला निर्माण कराया। इसके बाद दुकानदारों ने नाले तक फिर से दुकानें बना ली। अब एक बार फिर नगर पालिका ने नाला निर्माण के लिए 4 फीट जमीन छोड़ने को कहा है।
इनसेट-
बोले व्यापारी
- सड़क के लिए एक बार दुकानों तोड़ी जा चुकी हैं। जब सड़क और नाला बन गया तो अब फिर से चार फीट जगह मांगना गलत है। दुकानें बनाने के बाद फिर तोड़ी जाएंगी तो व्यापक आंदोलन होगा। -चंद्रेश्वर जायसवाल, प्रदेश मंत्री, उप्र व्यापार प्रतिनिधि मंडल
- छह महीने से दुकानदार परेशान हैं। व्यापारियों ने खुद अपनी दुकानें तोड़कर प्रशासन को जगह दी। अब फिर से जमीन मांगना प्रशासन की मनमानी है। व्यापारियों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। - अमरनाथ जायसवाल, जिलाध्यक्ष, सपा व्यापार सभा, चंदौली
- प्रशासन को अपने निर्णय पर कायम रहना चाहिए। पीडीडीयू नगर के व्यापारियों को लगातार अंधेरे में रखा जा रहा है। प्रशासन की लापरवाही के कारण पूरा व्यापार चौपट हाे गया है। त्योहारी सीजन में फिर से दुकानें टूटेंगी तो व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे। -सुरेश कपाही, व्यापारी
- पहले ही हम लोगों की रजिस्ट्री कराई गई दुकानों और मकानों को तोड़ा जा चुका है, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया। अब फिर से चार फीट जमीन छोड़ने की घोषणा समझ में नहीं आ रही। - अंकुर जायवाल, व्यापारी
कोट-
पीडीडीयू नगर में भविष्य में जलनिकासी की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लोगों से नाले से चार फीट जगह छोड़ कर निर्माण कराने की अपील की जा रही है। इससे लोगों को भविष्य में जलभराव की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका, पीडीडीयू नगर