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Chandauli News: फिर मिलने के वादे के साथ विदा हुए पुरातन छात्र
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पीडीडीयू नगर के पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज में सम्मेलन के समापन पर उपस्थित पुरातन छात्र-छात्
पीडीडीयू नगर। पूर्व मध्य रेलवे इंटर कॉलेज के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित दो दिवसीय पुनर्मिलन समारोह में शामिल हुए पुरातन छात्र फिर मिलने के वादे के साथ शुक्रवार को विदा हुए।
दूसरे दिन पुरातन छात्रों ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वहीं, पुरातन विद्यार्थियों ने अपनी स्मृतियां साझा कीं और बच्चों को सफलता का मंत्र दिया।
छात्र पुनर्मिलन समारोह के दूसरे दिन आयोजित संवाद कार्यक्रम में पुरातन विद्यार्थियों ने विद्यालय से जुड़ीं अपनी यादों और जीवन के अनुभवों को साझा किया। एयर मार्शल रहे कीर्ति शेखर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने श्रीभगवद गीता के कर्मयोग के संदेश को अपने जीवन में अपनाया।
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पूरी निष्ठा से कर्म करते रहना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। वर्ष 1952 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले गुरमीत ने विद्यालय से जुड़ी अपनीं स्मृतियां साझा कीं। डॉ. राज कुमार यादव ने विद्यार्थियों को तनाव से बचने और सकारात्मक सोच रखने की सीख दी। डॉ. मुकेश ने भी अपने अनुभव साझा किए।
अंत में लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के समक्ष 1001 दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पंकज, इंतखाब, चहल, पूजा, रचना, रितेश, कपिल, दिलीप, अंजनी, दिग्विजय, राकेश पाठक, श्याम प्रकाश, राजेश गुप्ता, पिनाकी आदि लोग मौजूद रहे।
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दूसरे दिन पुरातन छात्रों ने देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। वहीं, पुरातन विद्यार्थियों ने अपनी स्मृतियां साझा कीं और बच्चों को सफलता का मंत्र दिया।
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छात्र पुनर्मिलन समारोह के दूसरे दिन आयोजित संवाद कार्यक्रम में पुरातन विद्यार्थियों ने विद्यालय से जुड़ीं अपनी यादों और जीवन के अनुभवों को साझा किया। एयर मार्शल रहे कीर्ति शेखर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने श्रीभगवद गीता के कर्मयोग के संदेश को अपने जीवन में अपनाया।
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पूरी निष्ठा से कर्म करते रहना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए। वर्ष 1952 में इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले गुरमीत ने विद्यालय से जुड़ी अपनीं स्मृतियां साझा कीं। डॉ. राज कुमार यादव ने विद्यार्थियों को तनाव से बचने और सकारात्मक सोच रखने की सीख दी। डॉ. मुकेश ने भी अपने अनुभव साझा किए।
अंत में लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के समक्ष 1001 दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पंकज, इंतखाब, चहल, पूजा, रचना, रितेश, कपिल, दिलीप, अंजनी, दिग्विजय, राकेश पाठक, श्याम प्रकाश, राजेश गुप्ता, पिनाकी आदि लोग मौजूद रहे।