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ठंडी लगने से दो किसानों की मौत
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कमालपुर/सैयदराजा। जिले में ठंडी से लोगों के मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया है। बुधवार को जिले के अलग अलग इलाकों में ठंडी की चपेट में आने से दो किसानों की मौत हो गई। दोनों ही अत्यंत निर्धन रहे। परिवार वालों के अनुसार ठंडी लगने से दोनों की मौत हुई है। परिवार ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
कमालपुर कस्बा के इनायतपुर गांव निवासी कृषि मजदूर रमाकांत राजभर (50) की बुधवार की भोर में ठंड लगने से मौत हो गई। परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार करि दया। रमाकांत राजभर कृषि मजदूरी के साथ राजगीर मिस्त्री का काम करता था। लॉकडाउन के बाद से वह गांव में ही रह रहा था। मंगलवार की रात में वह गेहूं की सिंचाई करने गया था। देर रात वापस लौटा तो तबियत खराब हो गई। उल्टी और दस्त की शिकायत पर परिवार वालों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि रमाकांत को ठंडी लगी है। बुधवार की भोर में इलाज के दौरान रमाकांत की मौत हो गई। रमाकांत के छह पुत्र हैं, इनमें दो की शादी हो चुकी है। आपसी रजामंदी के बाद पोस्टमार्टम के बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी तरह बरहनी विकास खंड के तेंदुहान गांव के दूधारी गांव निवासी राधे पासवान (64) राजगीर मिस्त्री का काम कर परिवार का पालन पोषण करता था। मंगलवार की रात वह खाना खाकर सोने चला गया। बुधवार की भोर में उसकी तबियत खराब होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिवार वाले उसे वाराणसी ले जाने लगे लेकिन रास्ते में ही वृद्ध की मौत हो गई। राधे की मौत से पत्नी और दो बच्चों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। मृतक के लङके ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। ग्रामीणों की पंचायत के बाद शव का अंतिम संस्कार दिया। मृतक के शव यात्रा में ग्राम प्रधान सदानन्द मौर्य, शमशाद अंसारी रहे।
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कमालपुर कस्बा के इनायतपुर गांव निवासी कृषि मजदूर रमाकांत राजभर (50) की बुधवार की भोर में ठंड लगने से मौत हो गई। परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार करि दया। रमाकांत राजभर कृषि मजदूरी के साथ राजगीर मिस्त्री का काम करता था। लॉकडाउन के बाद से वह गांव में ही रह रहा था। मंगलवार की रात में वह गेहूं की सिंचाई करने गया था। देर रात वापस लौटा तो तबियत खराब हो गई। उल्टी और दस्त की शिकायत पर परिवार वालों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि रमाकांत को ठंडी लगी है। बुधवार की भोर में इलाज के दौरान रमाकांत की मौत हो गई। रमाकांत के छह पुत्र हैं, इनमें दो की शादी हो चुकी है। आपसी रजामंदी के बाद पोस्टमार्टम के बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी तरह बरहनी विकास खंड के तेंदुहान गांव के दूधारी गांव निवासी राधे पासवान (64) राजगीर मिस्त्री का काम कर परिवार का पालन पोषण करता था। मंगलवार की रात वह खाना खाकर सोने चला गया। बुधवार की भोर में उसकी तबियत खराब होने लगी। हालत बिगड़ती देख परिवार वाले उसे वाराणसी ले जाने लगे लेकिन रास्ते में ही वृद्ध की मौत हो गई। राधे की मौत से पत्नी और दो बच्चों का रो रोकर हाल बेहाल हो गया। मृतक के लङके ने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। ग्रामीणों की पंचायत के बाद शव का अंतिम संस्कार दिया। मृतक के शव यात्रा में ग्राम प्रधान सदानन्द मौर्य, शमशाद अंसारी रहे।
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