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Chandauli News: दो भाइयों को सांप ने डसा, झाड़-फूंक के चक्कर में गई जान
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मोहनिया। कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र के अजगरा गांव में बृहस्पतिवार की देर रात छत पर सोते समय दो सगे भाइयों को सांप ने डस लिया। परिवार के लोग अस्पताल जाने के बजाय दोनों को झाड़-फूंक कराने ले गए। हालत गंभीर होने पर परिजन मोहनिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बड़े भाई को मृत घोषित कर दिया। छोटे भाई को वाराणसी रेफर किया गया लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों का कहना था कि समय पर एंटी स्नेक वेनम लग जाता तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
अजगरा गांव निवासी धर्मवीर (15) और धर्मराज (12) बृहस्पतिवार की रात घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने दोनों को डस लिया। सर्पदंश की जानकारी मिलने पर परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पास के कर्मा गांव स्थित एक ओझा के पास झाड़-फूंक कराने पहुंच गए। घंटों तक झाड़-फूंक चलती रही, लेकिन दोनों की हालत लगातार बिगड़ती गई।
स्थिति गंभीर होने पर परिजन दोनों को मोहनिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक बड़े भाई धर्मवीर की रास्ते में ही मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने छोटे भाई धर्मराज की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया।
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पिता सत्येंद्र बैठा ने बताया कि दोनों बेटे रात में छत पर सोए थे, तभी सांप ने डस लिया। मेरा भाई उन्हें कर्मा गांव में झाड़-फूंक कराने ले गया। इसी कारण इलाज में देर हो गई। बड़े बेटे की रास्ते में मौत हो गई, जबकि छोटे बेटे ने बनारस जाते समय दम तोड़ दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।
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अजगरा गांव निवासी धर्मवीर (15) और धर्मराज (12) बृहस्पतिवार की रात घर की छत पर सो रहे थे। इसी दौरान किसी विषैले सांप ने दोनों को डस लिया। सर्पदंश की जानकारी मिलने पर परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय पास के कर्मा गांव स्थित एक ओझा के पास झाड़-फूंक कराने पहुंच गए। घंटों तक झाड़-फूंक चलती रही, लेकिन दोनों की हालत लगातार बिगड़ती गई।
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स्थिति गंभीर होने पर परिजन दोनों को मोहनिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक बड़े भाई धर्मवीर की रास्ते में ही मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने छोटे भाई धर्मराज की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे वाराणसी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया।
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पिता सत्येंद्र बैठा ने बताया कि दोनों बेटे रात में छत पर सोए थे, तभी सांप ने डस लिया। मेरा भाई उन्हें कर्मा गांव में झाड़-फूंक कराने ले गया। इसी कारण इलाज में देर हो गई। बड़े बेटे की रास्ते में मौत हो गई, जबकि छोटे बेटे ने बनारस जाते समय दम तोड़ दिया। उन्होंने जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।