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क्षुब्ध ट्रेन ड्राइवर ने की खुदकुशी की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो मुगलसराय ।
Updated Wed, 06 May 2015 01:46 AM IST
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अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सहायक ट्रेन चालक ने मंगलवार को
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शीशे पर हाथ मारकर जख्मी कर लिया और आत्महत्या करने के लिए पटरी पर लेट
गया। साथी कर्मचारियों ने उसे लोको स्थित मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया।
राजस्थान के सवाई मान सिंह जिला निवासी मनोज कुमार मीना रेल मंडल में वर्ष 2013 से सहायक ट्रेन चालक के पद पर तैनात है। अस्पताल में भर्ती मनोज ने पूरे प्रकरण की जानकारी अमर उजाला को दी। मनोज के अनुसार वह अपनी बहन की शादी में वह 19 अप्रैल से 04 मई तक अवकाश पर घर गया था। मंगलवार को उसने क्रू सेल में जाकर अपने अधिकारी से ड्यूटी के लिए का प्रार्थना पत्र दिया। चीफ क्रू कंट्रोलर आईपी सिंह के पूछने पर मनोज ने बताया कि उसने एई से अवकाश की अनुमति ली थी। दोनों अफसरों ने एक दूसरे से पूछा तो पता चला कि अवकाश प्रदान नहीं किया गया था। तब एई ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा। फिर चीफ क्रू कंट्रोलर से मनोज की बहस हुई।
इसी दौरान मनोज कुमार ने अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पास ही एक शीशे पर हाथ दे मारा। इससे वह लहूलुहान हो गया। उसके बाद उसने एक सुसाइड नोट लिखा और खुदकुशी करने के लिए रेलवे ट्रैक पर लेट गया। तब वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे उठाकर लोको अस्पताल पहुंचाया।
राजस्थान के सवाई मान सिंह जिला निवासी मनोज कुमार मीना रेल मंडल में वर्ष 2013 से सहायक ट्रेन चालक के पद पर तैनात है। अस्पताल में भर्ती मनोज ने पूरे प्रकरण की जानकारी अमर उजाला को दी। मनोज के अनुसार वह अपनी बहन की शादी में वह 19 अप्रैल से 04 मई तक अवकाश पर घर गया था। मंगलवार को उसने क्रू सेल में जाकर अपने अधिकारी से ड्यूटी के लिए का प्रार्थना पत्र दिया। चीफ क्रू कंट्रोलर आईपी सिंह के पूछने पर मनोज ने बताया कि उसने एई से अवकाश की अनुमति ली थी। दोनों अफसरों ने एक दूसरे से पूछा तो पता चला कि अवकाश प्रदान नहीं किया गया था। तब एई ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के लिए कहा। फिर चीफ क्रू कंट्रोलर से मनोज की बहस हुई।
इसी दौरान मनोज कुमार ने अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पास ही एक शीशे पर हाथ दे मारा। इससे वह लहूलुहान हो गया। उसके बाद उसने एक सुसाइड नोट लिखा और खुदकुशी करने के लिए रेलवे ट्रैक पर लेट गया। तब वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे उठाकर लोको अस्पताल पहुंचाया।