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विकास के लिए 50 लाख निकाल लिया, काम एक पैसे का भी नहीं किया
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नौगढ़। विकास खंड नौगढ़ के दो ग्राम पंचायतों के सचिवों द्वारा बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। जिसमें विकास कार्यों के लिए 50 लाख रुपये तो निकाल लिए गए पर काम एक पैसे का भी नहीं हुआ। समाधान दिवस के दौरान आई शिकायत के बाद डीएम ने सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दोनों पंचायतों में गड़बडियों की जांच के लिए दो -दो अधिकारियों की टीमें गठित की हैं। टीमों को जांच करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए है। जांच के आदेश के बाद संबंधित प्रधानों व अन्य लोगों में हडकंप मच गया है।
विकास खंड नौगढ़ के ग्राम पंचायत अमृतपुर में एसबीएम, एलओबी में चयनित लाभार्थियों का शौचालय का निर्माण कार्य, इंटरलॉकिंग तथा विद्यालय में टाइलिकरण और स्नानागार का निर्माण कार्य नहीं होने और मझगावा में हैंडपंप मरम्मत, रिबोर, नाली, इंटरलॉकिंग, कूप जगत निर्माण, स्ट्रीट लाइट आदि कार्यों के नाम पर 50 लाख रुपए का भुगतान किया गया लेकिन काम एक पैसे का भी नहीं हुआ है। गड़बड़ियों की शिकायत मिलने पर डीएम ने जिला विकास अधिकारी ओर ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा के इंजीनियरों की जांच टीम गठित करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। शिकायत कर्ताओं के द्वारा स्टांप पेपर पर हलफनामा देकर टैंकर से पानी सप्लाई के नाम पर फर्जी भुगतान करने का भी आरोप लगाने और राज्य वित एवं चौदहवें वित्त से खर्च किए गए धन की जांच के लिये आरइएस के अधिशासी अभियंता और जिला विकास अधिकारी और अधिकारियों की जांच टीम गठित की गई है।
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विकास खंड नौगढ़ के ग्राम पंचायत अमृतपुर में एसबीएम, एलओबी में चयनित लाभार्थियों का शौचालय का निर्माण कार्य, इंटरलॉकिंग तथा विद्यालय में टाइलिकरण और स्नानागार का निर्माण कार्य नहीं होने और मझगावा में हैंडपंप मरम्मत, रिबोर, नाली, इंटरलॉकिंग, कूप जगत निर्माण, स्ट्रीट लाइट आदि कार्यों के नाम पर 50 लाख रुपए का भुगतान किया गया लेकिन काम एक पैसे का भी नहीं हुआ है। गड़बड़ियों की शिकायत मिलने पर डीएम ने जिला विकास अधिकारी ओर ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा के इंजीनियरों की जांच टीम गठित करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। शिकायत कर्ताओं के द्वारा स्टांप पेपर पर हलफनामा देकर टैंकर से पानी सप्लाई के नाम पर फर्जी भुगतान करने का भी आरोप लगाने और राज्य वित एवं चौदहवें वित्त से खर्च किए गए धन की जांच के लिये आरइएस के अधिशासी अभियंता और जिला विकास अधिकारी और अधिकारियों की जांच टीम गठित की गई है।
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