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Chandauli News: तीन लाख स्मार्ट मीटर लगेंगे, 75 हजार घरों में आर्मर्ड केबल
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पीडीडीयू नगर। जिले में विद्युत निगम की ओर से तीन लाख घरों व प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। वहीं, 75 हजार उपभोक्ताओं के जर्जर केबल हटाकर आर्मर्ड केबल लगाया जाएगा। केबल और मीटर लगाने में गड़बड़ी मिलने पर उपभोक्ता अधीक्षण अभियंता से शिकायत कर सकते हैं।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार अग्रवाल बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए मुगलसराय, सकलडीहा और चंदौली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तीन लाख उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। साथ 25 हजार उपभोक्ताओं के केबल जर्जर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के घर में आर्मर्ड केबल लगाया जाएगा। यदि कार्यदायी संस्था केबल लगाने से मना नहीं करती तो उपभोक्ता मीटर लगने के बाद सीलिंग सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर न करें और इनकी शिकायत विद्युत निगम के अधिकारियों से करें।
उन्होंने बताया स्मार्ट मीटर लगने के बाद तय लोड से ज्यादा बिजली का उपभोग करने पर अलार्म बजेगा और इसके बाद बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। कहा कि इससे जहां बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, वहीं उपभोक्ताओं को रिचार्ज के मुताबिक बिजली की सुविधा मिल सकेगी। मीटर रीडिंग, बिल जमा करने और वसूली का झंझट खत्म हो जाएगा।
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यह है आर्मर्ड केबल
विद्युत वितरण में स्टील वायर (आर्मर्ड केबल) का प्रयोग होता है, जो बहुत कठोर होता है। इसे बिजली की मुख्य आपूर्ति के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 11 केवी और 33 केवी के केबल शामिल हैं। यह भूमिगत प्रणालियों, बिजली नेटवर्क और केबल डक्टिंग में उपयोग किया जाता है। इसके ऊपर एल्युमीनियम और लोहे का कवच होता है, जिस कारण कठोर होता है।
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विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार अग्रवाल बताया कि बिजली चोरी रोकने के लिए मुगलसराय, सकलडीहा और चंदौली विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तीन लाख उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। साथ 25 हजार उपभोक्ताओं के केबल जर्जर हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के घर में आर्मर्ड केबल लगाया जाएगा। यदि कार्यदायी संस्था केबल लगाने से मना नहीं करती तो उपभोक्ता मीटर लगने के बाद सीलिंग सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर न करें और इनकी शिकायत विद्युत निगम के अधिकारियों से करें।
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उन्होंने बताया स्मार्ट मीटर लगने के बाद तय लोड से ज्यादा बिजली का उपभोग करने पर अलार्म बजेगा और इसके बाद बिजली आपूर्ति बंद हो जाएगी। कहा कि इससे जहां बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा, वहीं उपभोक्ताओं को रिचार्ज के मुताबिक बिजली की सुविधा मिल सकेगी। मीटर रीडिंग, बिल जमा करने और वसूली का झंझट खत्म हो जाएगा।
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यह है आर्मर्ड केबल
विद्युत वितरण में स्टील वायर (आर्मर्ड केबल) का प्रयोग होता है, जो बहुत कठोर होता है। इसे बिजली की मुख्य आपूर्ति के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें 11 केवी और 33 केवी के केबल शामिल हैं। यह भूमिगत प्रणालियों, बिजली नेटवर्क और केबल डक्टिंग में उपयोग किया जाता है। इसके ऊपर एल्युमीनियम और लोहे का कवच होता है, जिस कारण कठोर होता है।