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उदितपुर सुर्रा गांव में दूसरे दिन भी नहीं जले चूल्हे
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नौगढ़। क्षेत्र के उदितपुर सुर्रा गांव में मंगलवार को मिट्टी का टीला ढहने से चार लोगों की मौत की घटना के दूसरे दिन मातम पसरा रहा। पूरे दिन परिवार के लोग अपनों के लिए रोते-बिलखते रहे। इतना ही नहीं दूसरे दिन गांव में में चूल्हे तक नहीं जले। दोनों घरों में कमाऊ सदस्यों की मौत से परिवार के लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मृतकों के घरों पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। नौगढ़ इलाके के उदितपुर सुर्रा गांव में दीपावली पर कच्चे मकान के रंग-रोगन के लिए मंगलवार की सुबह मिट्टी की खोदाई करते समय टीला ढह गया। इसमें उदितपुर सुर्रा के शिवकुमार भारती और सोनभद्र के राबर्ट्सगंज थाना के बहुअरा के कुरिहवां गांव निवासी दूधनाथ विश्वकर्मा, उनके पुत्र आशीष व रितेश समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे से पूरा परिवार बिखर गया। बताया जा रहा है कि दूधनाथ के साथ ही उनके दोनों बेटों की मौत हो गई। घटना से गांव के लोग ही नहीं, बल्कि जनपदवासी आहत हैं। उदितपुर सुर्रा व बहुअरा गांव में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। परिवार के लोगों का रो-रोकर हाल बेहाल है। हादसे में मारे गए शिवकुमार की पत्नी व बेटियां रोते-रोते अचेत हो जा रहीं हैं। घटना के बारे में जिसको भी जानकारी मिल रही है वह घर जाकर सांत्वना देने की कोशिश कर रहा है। मृतकों के दरवाजे पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। ग्रामीणों के साथ ही नाते- रिश्तेदारों व जनप्रतिनिधियों की भीड़ जुटी रही।
सोनभद्र के बहुअरा के कुरिहवा गांव निवासी दूधनाथ विश्वकर्मा और उनके दोनों बेटों की मौत दर्दनाक हादसे में हो गई। परिवार में पत्नी चिता देवी के साथ तीन पुत्रियां ही बची हैं। ऐसे में शव को मुखाग्नि देने वाला और कोई नहीं बचा। चिता को मुखाग्नि देने के लिए अब नात-रिश्तेदारों का इंतजार हो रहा है। दूधनाथ की कक्षा चार में पढ़ने वाली बेटी अपनी मां से जब पूछ रही कि पापा अब नहीं आएंगे तो जवाब देते लोगों का गला रूंध जा रहा।
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सोनभद्र के बहुअरा के कुरिहवा गांव निवासी दूधनाथ विश्वकर्मा और उनके दोनों बेटों की मौत दर्दनाक हादसे में हो गई। परिवार में पत्नी चिता देवी के साथ तीन पुत्रियां ही बची हैं। ऐसे में शव को मुखाग्नि देने वाला और कोई नहीं बचा। चिता को मुखाग्नि देने के लिए अब नात-रिश्तेदारों का इंतजार हो रहा है। दूधनाथ की कक्षा चार में पढ़ने वाली बेटी अपनी मां से जब पूछ रही कि पापा अब नहीं आएंगे तो जवाब देते लोगों का गला रूंध जा रहा।
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