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Chandauli News: कटान से मड़ई और गृहस्थी गंगा में समाई
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चंदौली के गायघाट में किसानों से जानकारी लेते सपा नेता रमेश यादव। संवाद
- फोटो : 1
चंदौली। विकास खंड चंदौली के ग्राम सभा सुदांव के गायघाट मजरे में कटान से हालात चिंताजनक हैं। मंगलवार की रात एक किसान की दो बिस्वा जमीन, रिहायशी मड़ई और गृहस्थी का सामान कटान से गंगा में समा गया। गांव के लोगों ने किसी तरह किसान को बचा लिया।
गायघाट निवासी पीड़ित महिला लालती देवी ने बताया कि मंगलवार की रात उनके पति धनेश निषाद नदी के पास अपनी मड़ई में सो रहे थे। इसी बीच कटान के चलते उनकी लगभग दो बिस्वा जमीन मड़ई समेत नदी में बह गई। पति के चीखने-चिल्लाने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उनकी जान बचाई, लेकिन मड़ई में रखा दो बोरा गेहूं, दो बोरा चावल और एक इंजन नदी में समा गया। कटान से अब तक कई लोगों की जमीनें गंगा में समा चुकी हैं।
बुधवार को पहुंचे जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने मौके पर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि सुदांव और गायघाट के लगभग 25 से 30 किसानों की 50 एकड़ उपजाऊ जमीन कटान के कारण नदी में समा चुकी है। पिछले साल भी डीएम को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों को लेकर डीएम से मुलाकात करेंगे।
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इन किसानों की जमीन हुई प्रभावित
कटान से प्रभावित किसानों में गुलाब निषाद, राम वृक्ष बिंद, राम जी यादव, लक्ष्मी निषाद, राम आश्रय निषाद, धनेश निषाद, नंदलाल निषाद, बाबूलाल निषाद, केसनाथ निषाद, पीर मोहम्मद, मजीद खान, लाल मोहम्मद, राम अवतार निषाद, रामू निषाद, रामा निषाद, दयाराम, जुगेंदर, शिवपूजन, शशिकांत, लालती देवी आदि शामिल हैं।
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गायघाट निवासी पीड़ित महिला लालती देवी ने बताया कि मंगलवार की रात उनके पति धनेश निषाद नदी के पास अपनी मड़ई में सो रहे थे। इसी बीच कटान के चलते उनकी लगभग दो बिस्वा जमीन मड़ई समेत नदी में बह गई। पति के चीखने-चिल्लाने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह उनकी जान बचाई, लेकिन मड़ई में रखा दो बोरा गेहूं, दो बोरा चावल और एक इंजन नदी में समा गया। कटान से अब तक कई लोगों की जमीनें गंगा में समा चुकी हैं।
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बुधवार को पहुंचे जिला पंचायत सदस्य रमेश यादव ने मौके पर पीड़ितों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि सुदांव और गायघाट के लगभग 25 से 30 किसानों की 50 एकड़ उपजाऊ जमीन कटान के कारण नदी में समा चुकी है। पिछले साल भी डीएम को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों को लेकर डीएम से मुलाकात करेंगे।
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इन किसानों की जमीन हुई प्रभावित
कटान से प्रभावित किसानों में गुलाब निषाद, राम वृक्ष बिंद, राम जी यादव, लक्ष्मी निषाद, राम आश्रय निषाद, धनेश निषाद, नंदलाल निषाद, बाबूलाल निषाद, केसनाथ निषाद, पीर मोहम्मद, मजीद खान, लाल मोहम्मद, राम अवतार निषाद, रामू निषाद, रामा निषाद, दयाराम, जुगेंदर, शिवपूजन, शशिकांत, लालती देवी आदि शामिल हैं।