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सुबह से बैठी रहीं पार्टियां, शाम तक नहीं आए पीठासीन अधिकारी
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सुबह से बैठी रहीं पार्टियां, शाम तक नहीं आए पीठासीन अधिकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
नियामताबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सोमवार को होने वाले मतदान के लिए स्थानीय विकास खंड कार्यालय परिसर से पोलिंग पोर्टियों की रवानगी हुई। यहां तमाम अव्यवस्थाएं रहीं। स्थिति यह रही हमीदपुर प्राथमिक विद्यालय पर बने केंद्र के पीठासीन अधिकारी लाल बहादुर सिंह शाम छह बजे तक नहीं पहुंचे। पीठासीन अधिकारी के न पहुंचने पर मतदान कार्मिक को इंतजार करना पड़ा। बाद में शाम सात बजे नए पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह को बना कर पार्टी को रवाना किया गया। इसके बाद पार्टी मतदान केंद्र के लिए रवाना हुई। यह हाल केवल हमीदपुर बूथ का ही नहीं बल्कि कई अन्य बूथों का भी रहा। यहां तक कि सेक्टर मजिस्ट्रेट भी इस मामले में हाथ खड़े कर दे रहे थे। सुबह से टीम के महिला और पुरुष सदस्य धूप में इंतजार करते रहे। कई बार सेक्टर मजिस्ट्रेट से संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा। वहीं डीएम के निर्देश के बाद भी पोलिंग पार्टियों केे सैनिटाइजर, मास्क आदि नहीं दिया गया। सब अपने साथ लाए गए मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहे। पोलिंग पार्टियों के रवाना होने तक कोरोना संबंधी सभी इंतजामों की धज्ज्यिां उड़ती रहीं। अपनी ड्यूटी जानने के लिए और हस्ताक्षर करने के लिए कोई सुविधाजनक इंतजाम नहीं होने के चलते लोग एक दूसरे पर गिरते पड़ते रहे। चुनाव ड्यूटी करने आये लोगों का कहना था कि इस हालात में कई लोगों के बीमार पड़ने की आशंका बलवती हो गई है। इसके लिए जिला प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नियामताबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सोमवार को होने वाले मतदान के लिए स्थानीय विकास खंड कार्यालय परिसर से पोलिंग पोर्टियों की रवानगी हुई। यहां तमाम अव्यवस्थाएं रहीं। स्थिति यह रही हमीदपुर प्राथमिक विद्यालय पर बने केंद्र के पीठासीन अधिकारी लाल बहादुर सिंह शाम छह बजे तक नहीं पहुंचे। पीठासीन अधिकारी के न पहुंचने पर मतदान कार्मिक को इंतजार करना पड़ा। बाद में शाम सात बजे नए पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह को बना कर पार्टी को रवाना किया गया। इसके बाद पार्टी मतदान केंद्र के लिए रवाना हुई। यह हाल केवल हमीदपुर बूथ का ही नहीं बल्कि कई अन्य बूथों का भी रहा। यहां तक कि सेक्टर मजिस्ट्रेट भी इस मामले में हाथ खड़े कर दे रहे थे। सुबह से टीम के महिला और पुरुष सदस्य धूप में इंतजार करते रहे। कई बार सेक्टर मजिस्ट्रेट से संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन मिलता रहा। वहीं डीएम के निर्देश के बाद भी पोलिंग पार्टियों केे सैनिटाइजर, मास्क आदि नहीं दिया गया। सब अपने साथ लाए गए मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग करते रहे। पोलिंग पार्टियों के रवाना होने तक कोरोना संबंधी सभी इंतजामों की धज्ज्यिां उड़ती रहीं। अपनी ड्यूटी जानने के लिए और हस्ताक्षर करने के लिए कोई सुविधाजनक इंतजाम नहीं होने के चलते लोग एक दूसरे पर गिरते पड़ते रहे। चुनाव ड्यूटी करने आये लोगों का कहना था कि इस हालात में कई लोगों के बीमार पड़ने की आशंका बलवती हो गई है। इसके लिए जिला प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।