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Chandauli News: पिछले साल से 12 दिन पहले ही 44 डिग्री सेल्सियस पार कर गया अधिकतम तापमान
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पीडीडीयू नगर। चंदौली में वर्ष 2024 में 7 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा था। इस बीच इस बार 12 दिन पहले ही 25 अप्रैल को ही अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। हालांकि सबसे ज्यादा दिक्कत वनांचल क्षेत्र में है। यहां पहाड़ और पत्थरों से दिन और रात में भी तापमान समान रह रहा है। रात को दो बजे के बाद जब पत्थर ठंडा हो रहा है तो राहत मिल रही है। हालांकि शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में दो-दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
जिले में गर्मी बढ़ती जा रही है। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि हो रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था। शनिवार को शाम चार बजे के बाद आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान को लेकर राहत नहीं मिलने वाली है। धूप और गर्मी अभी लोगों को सताएगी। चंदौली के वनांचल क्षेत्र चकिया और नौगढ़ का इलाका हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित है, लेकिन पहाड़ और पत्थर होने की वजह से कड़ी धूप में ये काफी गर्म हो जा रहे हैं। हरे पेड़ होने के बावजूद तपन से लोग परेशान हैं। स्थिति यह है कि दिन तो दिन रात में भी लोगों को चैन नहीं मिल रही है। दिन में तपन से लोग बेहाल हैं। गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं।
चंदौली में छह साल बाद अप्रैल महीने में इतना ज्यादा तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। वर्ष 2019 में अप्रैल महीने में 27 तारीख को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था। वहीं 2025 के अप्रैल महीने में 25 तारीख को ही 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह का कहना है कि अभी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। आने वाले दिनों में गर्मी और आफत बन सकती है। लू से बचने के लिए लोग सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर और चेहरा ढककर ही घर से बाहर निकलें। जेब में प्याज रखें या प्याज का सेवन करें। उधर, डीएफओ दिलीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जिले में अन्य स्थानों की तरह वनांचल में भी तापमान बढ़ा है, लेकिन वनांचल क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए पानी आदि की नियमित व्यवस्था की गई है। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है।
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जिले में गर्मी बढ़ती जा रही है। अधिकतम के साथ न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि हो रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस था। शनिवार को शाम चार बजे के बाद आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट आई। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अभी तापमान को लेकर राहत नहीं मिलने वाली है। धूप और गर्मी अभी लोगों को सताएगी। चंदौली के वनांचल क्षेत्र चकिया और नौगढ़ का इलाका हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित है, लेकिन पहाड़ और पत्थर होने की वजह से कड़ी धूप में ये काफी गर्म हो जा रहे हैं। हरे पेड़ होने के बावजूद तपन से लोग परेशान हैं। स्थिति यह है कि दिन तो दिन रात में भी लोगों को चैन नहीं मिल रही है। दिन में तपन से लोग बेहाल हैं। गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं।
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चंदौली में छह साल बाद अप्रैल महीने में इतना ज्यादा तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार गया है। वर्ष 2019 में अप्रैल महीने में 27 तारीख को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस था। वहीं 2025 के अप्रैल महीने में 25 तारीख को ही 44 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। राज्य कृषि व मौसम विभाग के प्रभारी अतुल कुमार सिंह का कहना है कि अभी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। आने वाले दिनों में गर्मी और आफत बन सकती है। लू से बचने के लिए लोग सूती व हल्के रंग के कपड़े पहनें। सिर और चेहरा ढककर ही घर से बाहर निकलें। जेब में प्याज रखें या प्याज का सेवन करें। उधर, डीएफओ दिलीप कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि जिले में अन्य स्थानों की तरह वनांचल में भी तापमान बढ़ा है, लेकिन वनांचल क्षेत्र में वन्य जीवों के लिए पानी आदि की नियमित व्यवस्था की गई है। कहीं से कोई दिक्कत नहीं है।
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