फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   The folk traditions of Holi are lost

गुम हो गई होली की लोक पंरपराएं, आधुनिकता हावी

Sun, 28 Mar 2021 12:31 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Mar 2021 12:31 AM IST
विज्ञापन
The folk traditions of Holi are lost
कंदवा। एकता और भाईचारा के प्रतीक होली के त्योहार में अब पौराणिक प्रथाएं पूरी तरह गौण हो चुकी हैं। इसके स्वरूप और मायने भी बदल चुके हैं। वसंत पंचमी के दिन से शुरू होकर लगातार 40 दिन तक चलने वाला लोक पर्व का त्योहार होली अब महज कुछ घंटों में सिमट कर रह गया है। बुजुर्गों का कहना है कि आधुनिकता की दौड़ में जहां तमाम लोक परंपराओं, विधाओं और संस्कृतियों का लोप हुआ है वहीं पूर्वी भारत का सबसे बड़ा त्योहार होली भी अब सिमटता सा रहा है।
विज्ञापन

कम्हरिया गांव निवासी रामायण सिंह का कहना है कि बसंत पंचमी के दिन से लगातार 40 दिनों तक लोग ढोल मजीरा की थाप पर पारंपरिक फाग गीत के साथ देर रात तक उत्सव मनाया करते थे। वसंतोत्सव का धुन ऐसा कि क्या बच्चे, क्या बूढ़े सब एक रंग में रंगने को आतुर रहते थे। अदसड़ निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक त्रिभुवन नारायण सिंह का कहना है कि आधुनिकता की दौड़ में सबसे अधिक नुकसान भारतीय लोक परंपराओं को उठाना पड़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण होली का त्योहार है। होली अब महज औपचारिकता के रूप में मनाया जाता है। एक समय था जब होली के हफ्तों बाद बुढ़वा मंगल पर चैता गीत के साथ त्यौहार का समापन माना जाता था। कंजेहरा गांव निवासी श्रीकिशुन यादव का कहना है कि होली के अवसर पर पारंपरिक गीत गाने की प्रथा अब लगभग समाप्त हो रही है। इसकी जगह अब द्विअर्थी और फूहड़ गीतों ने ले लिया है। डेढ़गांवा गांव निवासी रमाशंकर सिंह का कहना है कि एक जमाना था जब होली के माहौल में ऊंच- नीच छोटे-बड़े का भेद मिट जाता था। गांव के चौक के सहन में एक साथ बैठकर झाल मजीरा ढोल के साथ होली गीत का आनंद लिया जाता था। खास बात यह कि गांव की महिलाएं भी प्रेम पूर्वक बैठ कर गीत सुना करती थीं। आज तो होली के नाम पर महिलाओं का घरों से निकलना भी दुरूह हो गया है। युवा पीढ़ी अपनी परम्परा से विमुख होती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed