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रासायनिक खादों व दवाओं से नष्ट हो रही खेतों की उर्वरा शक्ति

Thu, 24 Dec 2020 12:39 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, कंदवा
अमर उजाला ब्यूरो, कंदवा Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Thu, 24 Dec 2020 12:39 PM IST
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The fertility of farms is being destroyed by chemical fertilizers and medicines
खाद-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
खेतों में रासायनिक खादों व दवाओं के हो रहे धुआंधार प्रयोग से मनुष्य के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है और खेतों की उर्वरा शक्ति भी घट रही है। फसल चक्र अपनाने के साथ जैविक खाद का प्रयोग कर किसान अच्छे उत्पादन के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ा सकते हैं। यह बातें बुधवार को कंदवा में आयोजित किसान गोष्ठी में अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक अजय कुमार मिश्रा ने कहीं।
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ग्रास रूट एनर्जी के सहयोग से आयोजित किसान गोष्ठी में वरिष्ठ वैज्ञानिक अजय कुमार मिश्रा व कन्हाई कुमार ने कहा कि खेती में केमिकल्स के प्रयोग से मृदा को काफी नुकसान हो रहा है। किसान अपने खेतों में जैविक, हरित और गोबर की खाद का प्रयोग कर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को फसल के अवशेष खेतों में ही रखने की सलाह दी जिससे खेतों में मौजूद सूक्ष्म तत्वों को जीवित रहने का अवसर मिल सके। कहा कि समवर्धक जैविक दवाओं का प्रयोग कर रासायनिक खाद को कम किया जा सकता है।
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कुंवर बहादुर सिंह ने महिलाओं को खेती-किसानी के साथ छोटे उद्योग लगाने का सुझाव दिया। इस मौके पर विंध्यवासिनी राय, सुरेंद्र सिंह, वेद प्रकाश राय, अजय राय, मोहन राय आदि मौजूद रहे। संचालन अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान के सलाहकार संतोष कुमार सिंह ने किया।
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