पीडीडीयू नगर। एक दशक से रुके नियामताबाद, बबुरी, चहनियां व शहाबगंज में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का काम दोबारा शुरू कराने की कवायद तेज कर दी गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजकर बजट की मांग की है। दरअसल, सीएचसी निर्माण में ठीकेदारों की ओर से व्यापक स्तर पर धांधली की गई थी। इस पर शासन ने एसआइटी जांच शुरू करा दी। इस मामले में संबंधित थानों में कार्यदाई संस्था के जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। बावजूद इसके काम शुरू नहीं हुआ। बबुरी, नियामताबाद, चहनियां और शहाबगंज में साढ़े तीन-तीन करोड़ की लागत से राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत सीएचसी का निर्माण एक दशक पहले शुरू कराया गया था। हालांकि कार्यदाई संस्थाओं ने निर्माण में जमकर धांधली की। इसको लेकर हो-हल्ला हुआ। वहीं शिकायत शासन तक पहुंची। इस पर शासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया। वहीं प्रकरण की जांच के लिए एसआइटी गठित कर दी। एसआइटी टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच में व्यापक पैमाने पर अनियमितता पकड़ी थी। वहीं ठीकेदारों के लाभांश की धनराशि से निर्माण पूरा कराने की सिफारिश की थी। हालांकि शासन से हरी झंडी न मिलने की वजह में कार्य लटक गया। निर्माण कार्य रुके लगभग एक दशक का समय बीत चुका है। निर्माणाधीन भवनों की दीवारें तो खड़ी हो गई हैं, लेकिन अभी कहीं छत नहीं तो कभी प्लास्टर नहीं। हॉल बना तो वार्ड नहीं बने। स्थिति यह है भवन खंडहर की तरह खड़े हैं। इनमें झाडि़यां उग गई हैं। दीवारों पर भी घास-फूस उग आए हैं।