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जिले के विकास का होगा
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Thu, 22 Jan 2015 01:31 AM IST
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चन्दौली के विकास के लिए सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है। चंदौली का विकास
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होकर रहेगा। इसके लिए मेरी ओर से पूरा प्रयास किया जाएगा। समाजवादी
विचाराधारा हम सभी को अंधेरे से रोशनी की ओर ले जाती है।
जो हमेशा सच्चाई और निष्ठा से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। उक्त बातें सूबे के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को तहसील सभागार में सिविल बार की ओर से आयोजित बाबू सागर सिंह के जयंती समारोह में कही।
सूबेदार सिंह ने कहा कि बाबू सागर सिंह हमेशा गरीबों और असहायों के लिए संघर्ष किया। उनकी याद में हम सभी को संकल्प लेना हो कि उनके पदचिह्नों पर चलकर समाज का भला करें। बार काउंसिल के सदस्य अमरेंद्र सिंह ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए स्वर्गीय सागर सिंह का योगदान सराहनीय रहा है।
इस दौरान उनकी लिखी किताब ‘मन्ननियां’ और ‘कह अघोरेश्वर’ अधिवक्ताओं में वितरित की गई। वक्ताओं ने वाराणसी में स्वर्गीय बाबू सागर सिंह की प्रतिमा स्थापित करने और चंदौली में तत्काल पुस्तकालय बनाने की मांग की।
साधना सिंह, सुनील सिंह मुखिया, वीरेंद्र प्रताप सिंह, विद्याचरण सिंह, राकेश रत्न तिवारी, कपिल देव सिंह आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता राणा प्रताप सिंह, संचालन शशिशंकर सिंह व सूर्यनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन विनोद कुमार सिंह ने किया।
जो हमेशा सच्चाई और निष्ठा से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। उक्त बातें सूबे के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को तहसील सभागार में सिविल बार की ओर से आयोजित बाबू सागर सिंह के जयंती समारोह में कही।
सूबेदार सिंह ने कहा कि बाबू सागर सिंह हमेशा गरीबों और असहायों के लिए संघर्ष किया। उनकी याद में हम सभी को संकल्प लेना हो कि उनके पदचिह्नों पर चलकर समाज का भला करें। बार काउंसिल के सदस्य अमरेंद्र सिंह ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए स्वर्गीय सागर सिंह का योगदान सराहनीय रहा है।
इस दौरान उनकी लिखी किताब ‘मन्ननियां’ और ‘कह अघोरेश्वर’ अधिवक्ताओं में वितरित की गई। वक्ताओं ने वाराणसी में स्वर्गीय बाबू सागर सिंह की प्रतिमा स्थापित करने और चंदौली में तत्काल पुस्तकालय बनाने की मांग की।
साधना सिंह, सुनील सिंह मुखिया, वीरेंद्र प्रताप सिंह, विद्याचरण सिंह, राकेश रत्न तिवारी, कपिल देव सिंह आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता राणा प्रताप सिंह, संचालन शशिशंकर सिंह व सूर्यनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन विनोद कुमार सिंह ने किया।